माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य कॉ. वृंदा करात ने आकर दिया समर्थन
अखिलेन्द्र के उपवास का सातवां दिन, स्वास्थ्य में गिरावट
नई दिल्ली, 13 फरवरी 2014, अरूणाचल प्रदेश के रहने वाले निडो तानिया हत्याकाण्ड और पूर्वोत्तर भारत के लोगों पर लगातार हो रहे हमलों पर दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा आये निर्णय का स्वागत करते हुये आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने अनशन के सातवें दिन जंतर-मंतर पर आयोजित सभा में कहा कि हर हिन्दुस्तानी नागरिक को चाहें वह हिन्दी-ऊर्दू भाषी क्षेत्र का हो, दक्षिण, मध्य भारत, पूर्वोतर या कश्मीर का हो, उसे सम्मान के साथ जीने का अधिकार प्राप्त है। कोई भी कानून और प्रशासनिक कार्यवाही जनता के इस संविधान प्रदत्त मूलाधिकार के विरूद्ध हो, तो अलोकतांत्रिक है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के नागरिकों पर हो रहे हमले तकलीफदेह हैं, इसे रोकने के लिये जरूरी है कि पूर्वोत्तर भारत में भी नागरिकों के अधिकार की रक्षा और सम्मान किया जाना चाहिए।
बता दें कि मणिपुर, नागालैण्ड, अरूणाचल प्रदेश समेत उत्तर पूर्व के सभी राज्यों में नागरिकों के अधिकारों का हनन और उनका बर्बर दमन होता रहता है। उनके नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिये इरोम शर्मिला विगत बारह वर्षों से अनशन पर है।
अखिलेन्द्र ने कहा कि कथित लोकतांत्रिक सरकारें चाहे वह केन्द्र में हों या राज्य में पूर्वोत्तर भारत के नागरिकों के प्रति अमानवीय व्यवहार जारी रखे हुये हैं। इस प्रकार का व्यवहार सभ्य समाज में बेहद शर्मनाक है, हम केन्द्र सरकार से माँग करते हैं कि वह यदि सही मायने में दिल्ली में मणिपुर, अरूणाचल, नागालैण्ड जैसे पूर्वोत्तर भारत के नागरिकों की जानमाल की हिफाजत करने की चेतना पैदा करने और उनके ऊपर हो रहे बर्बर हमले को रोकना चाहती है तो पूर्वोत्तर भारत के लोगों के नागरिक अधिकारों को बहाल करे। कश्मीर से लेकर मिजोरम तक काले कानून के तहत सैनिक, अर्धसैनिक बलों द्वारा नागरिकों पर हो रहे जुल्म पर रोक लगाये और ईरोम शर्मिला के जारी अनशन को समाप्त कराये।
अखिलेन्द्र के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट जारी है उनका पल्स रेट सामान्य से ज्यादा है, वजन घट रहा है और पेशाब में कीटोन आ रहा है।
अखिलेन्द्र के उपवास का समर्थन करने सीपीआई (एम) पोलित ब्यूरो सदस्य कॉ. वृंदा करात एडवा की अन्य राष्ट्रीय नेताओं के साथ उपवासस्थल पर आयीं। इसके साथ कर्नाटक के आइपीएफ नेता राधवेन्द्र कुस्तगी, भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अम्बावता, हरियाणा के किसान नेता शमशेर सिंह दहिया, राधेश्याम ने उपवास स्थल पर पहुँचकर अखिलेन्द्र के उपवास का समर्थन किया।
गौरतलब है कि कारपोरेट घरानों व एनजीओ को लोकपाल कानून के दायरे में लाने, रोजगार के अधिकार को नीति निर्देशक तत्व की जगह संविधान के मूल अधिकार में शामिल करने, साम्प्रदायिक हिंसा निरोधक बिल को संसद के इसी सत्र में पारित करने समेत आम नागरिक की जिदंगी के लिए महत्वपूर्ण सवालों पर आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह का दस दिवसीय उपवास जंतर-मंतर पर 7 फरवरी से जारी है। जिसे सीपीआई (एम) के महासचिव कॉ. प्रकाश करात, वयोवृद्ध कम्युनिस्ट नेता और सीपीआई के पूर्व महासचिव कॉ. ए0 बी0 वर्धन, सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष न्यायमूर्ति राजेन्द्र सच्चर समेत तमाम बुद्धिजीवियों, जनांदोलन के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने समर्थन दिया है।