सोशल मीडिया के जरिये जिहाद!
नोबेल प्राइज़ विजेता मलाला युसुफजई के ऊपर कातिलाना हमले के लिए जिम्मेदार एक तालिबान कमांडर ने प्रोफेशनल नेटवर्क साइट लिंक्ड-इन पर अपने एकाउंट में जिहाद को अपनी स्किल्स में लिखा हुआ था, हालांकि इस एकाउंट के फर्ज़ी होने की संभावना है।
अल-अरबिया समाचारपत्र ने टेलीग्राफ अखबार के हवाले से खबर दी है कि पाकिस्तानी तालिबानी ग्रुप टीटीपी जमात-उल-अहरार का प्रवक्ता एहसानुल्लाह एहसान इस प्रोफाइल का प्रयोग भर्ती उपकरण के रूप में कर रहा था। अखबार ने खबर दी है कि लिंक्डइन ने यह एकाउंट दिएक्टिवेट कर दिया है, परंतु हमारी पड़ताल में http://pk.linkedin.com/pub/ehsanullah-ehsan/95/316/a13 लिंक पर एहसानुल्लाह एहसान का एकाउंट यह समाचार लिखे जाने तक मौजूद था।
लगता यह है कि लिंक्डइन द्वारा उसका पुराना एकाउंट डिएक्टिवेट करने बाद एहसानउल्लाह ने दूसरा एकाउंट बना लिया है या दूसरा एकाउंट भी पहले से मौजूद रहा होगा क्योंकि अल अरबिया ने एहसानउल्लाह के डिएक्टिवेटेड एकाउंट का जो स्नैपशॉट दिया है उसमें उसके 69 कनेक्शन्स दिए हुए हैं जबकि हमारे द्वारा खोजे गए एकाउंट में 10 कनेक्शन दिए हुए हैं।
एहसानुल्लाह एहसान ने अपने बैकगाउंड में लिखा है- I am a Mujahid and I openly say and do the things that annoy enemies of Islam. I invite the non-Muslims to explore into the light of Islam and I incite the Muslims to wage Jihad against the man-made laws.

अपनी एजुकेशन के कॉलम में एहसानुल्लाह एहसान ने “जिहाद और पत्रकारिता” ( “Govt High School Lakary, Mohmand Agency Jihad and Journalism” ) लिखा है।
अल अरबिया के अनुसार सन् 2012 में मलाला युसुफजई के ऊपर कातिलाना हमले के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने एहसानउल्लाह के ऊपर एक मिलियन डॉलर का ईनाम रखा हुआ है।
http://pk.linkedin.com/pub/ehsanullah-ehsan/95/316/a13 लिंक पर एहसानुल्लाह एहसान के एकाउंट के स्क्रीन शॉट

http://pk.linkedin.com/pub/ehsanullah-ehsan/95/316/a13 लिंक पर एहसानुल्लाह एहसान के एकाउंट के स्क्रीन शॉट-2

http://pk.linkedin.com/pub/ehsanullah-ehsan/95/316/a13 लिंक पर एहसानुल्लाह एहसान के एकाउंट के स्क्रीन शॉट-3