अभी तक गिर चुके हैं 45 मकान
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
कमलजीत अविनाशी
चंडीगढ़। गांव चंडीकोटला में शनिवार को सुबह 11 बजे बरसात के कारण तीन ओर मकान गिर जाने से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। करीब तीन बरसों से अभी तक चण्डी कोटला में भूस्खलन के कारण 45 मकान गिर चुके हैं और करीब 50 मकानो में दरारें पड़ गई हैं जो कभी भी गिर सकते हैं, मगर जो आज तीन मकान गिर गए हैं उनमें पहले ही दरारे पड़ी हुई थीं और प्रशासन से उसे खाली करवा लिया था जिस कारण किसी के जान व दमाल की हानि नही हुई है। मकान गिरने के बाद कोई प्रशासनिक अधिकारी तक नही पहुंचा। गांव चण्डी कोटला निवासी नरसिंह मिश्रा, ठाकुर दास भारद्वाज व नीरज उर्फ मोनू ने बताया कि उनके मकानों में गत माह दरारें आ गई थीं जिस कारण वे अपने मकान खाली कर किराए के मकान में चले गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से अन्य गांव के लोगों को भी मुआवजा नही दिया गया जिनके मकान पहले ही गिर चुके हैं। गांव निवासी हरी सिंह, सुच्चा सिंह, महिद्र सिंह, हरदम सिंह व नीरज ने बताया कि उनका गांव धीरे धीरे रेलवे लाईन व नैशनल हाईवे की तरफ खिसक रहा हैँ जिससे आने वाले समय में रेलवे लाईन व नैशनल हाईवे को भी खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने बताया कि बरसात के कारण गांव के पास भूमि में दरारें हो गई हैँ। पहाड़ी पर बसा गांव चण्डीकोटला कभी भी रेलवे लाईन की तरफ गिर सकता है। उन्होंने बताया कि जो भूमि में दरारें पड़ी हुई हैं एक दरार में जब करीब 40 फुट लम्बा सरिया डाल कर दरार की गहराई देखनी चाही तो चालीस फुट का सरिया उसी दरार में समा गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भूमि में काफी गहराई तक भूस्खलन होने की संभावना है। जब भी बरसात होती है, गांव के लोग आसमान पर बादलों की गडग़ड़ाहट सुनकर सहम जाते हैं जबकि गांव के लोग सारी रात जाग कर बिताने को मजबूर हैं। चंडीकोटला गांव के लोग अपने परिवार सहित छोटे-छोटे बच्चों के साथ मोटी-मोटी दरार पड़ चुके मकानों में रहने को मजबूर हैं।
चंडीकोटला गांव में प्राकृतिक आपदा के कारण दर्जनों घर गिर चुके हैं, क्योंकि गांव की जमीनों में गत तीन साल पहले बरसात के दिनों में अचानक मोटी-मोटी दरारें पडऩी शुरु हो गई थीं, जिसके बाद एक के बाद एक घर गिरने का सिलसिला शुरु हो गया था। ग्रामीणों ने हरियाणा सरकार से कई बार लिखित में शिकायत कर अन्य जगहों पर बसाने की दर्जनों बार गुहार लगाई, लेकिन ग्रामीणों की सभी गुहारें बेअसर साबित हुई हैं। चंडीकोटला गांव के निवासी शबीना, प्रोमिला रानी, कृष्णा देवी, संतोष रानी ने हरियाणा सरकार को कोसते हुए कहा कि अब तो सिर्फ भगवान का सहारा है, उसी के सहारे जी रहे हैं लेकिन विधानसभा चुनावों का जरूर बहिष्कार करेंगे। उनके गांवों में जो भी पार्टी का नेता आएगा उसे गांव से बाहर भगाने का काम करेंगे। बरसात के दिनों में यदि जिला प्रशासन और हरियाणा सरकार जल्द ना जागा तो इन दिनों चल रही बारिशों के कारण यहां एक बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।