दादरी हत्याकाण्ड के विरूद्ध एसडीपीआई ने किया मुलायम सिंह के घर पर प्रदर्शन
दादरी हत्याकाण्ड के विरूद्ध एसडीपीआई ने किया मुलायम सिंह के घर पर प्रदर्शन
नई दिल्ली। दादरी में हुए अखलाक हत्याकांड के विरूद्ध आज दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के घर पर एसडीपीआई ने प्रर्दशन किया।
प्रदर्शन के माध्यम से एसडीपीआई ने इस मामले में तुरंत कार्यवाही की मांग करते हुए पीड़ित परिवार वालों को इंसाफ दिए जाने की मांग की।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हिन्दुत्ववादी कट्टपंथियों का सांप्रदायिक तांडव चल रहा है।
एसडीपीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा कि 2012 में सपा सरकार बनने के बाद, सांप्रदायिक घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो गयी है। घोषणा के बाद भी घटना होने वाले जि़लों के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के विरूद्ध कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है तथा पुलिस की गोलियों से बेक़सूरों की मौतों पर किसी के विरूद्ध कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट असलम ने कहा कि योगी आदित्यनाथ व उसके साथियों, साक्षी व प्राची आदि द्वारा रात दिन सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाले बयानों पर यूपी सरकार कोई कार्यवाही नहीं कर रही है तथा वरूण गांधी को उनके हिंसाप्रेरित करने वाले भाषणों पर भी उनको सरकारी एजेन्सियों द्वारा राहत प्रदान करवाने के लिए अदालत के सामने सबूत पेश नहीं किये गए तथा मुज़फ़्फ़रनगर हिंसा में आरोपियों के साथ नरमी बरती गयी।
इस मौक़े पर लोकराज संगठन की ओर से शामिल हुए बिरजू नायर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से हीला हवाली बरतने के कारण आज प्रदेश में सांप्रदायिक शाक्तियों को इतना होसला हासिल हो गया है कि कमज़ोर वर्गों जिसमें मुसलमान सबसे ऊपर है, पर चौतरफा सांप्रदायिक हमला बोल दिया गया है।
इसके साथ ही यूनाइटेड सिख मिशन के हरमिन्दर सिंह ने कहा कि कानपुर के समीप महाराजपुर थाना क्षेत्र में 28 सितंबर 2015 को एक अनजान व्यक्ति को उसकी सांप्रदायिक शिनाख्त की बुनियाद पर पीट-पीट कर मार डाला गया और 29 सितंबर को दादरी के बिसाहड़ा गांव में मन्दिर के लाउडस्पीकर से उकसा कर मौ. अखलाक की को पीट-पीट कर मार डाला गया तथा उसके लड़के को भी जानलेवा हमला कर बुरी तरह ज़ख्मी कर दिया गया।
शिरोमणी अकाली दल की ओर से आए गुरप्रीत सिंह ने कहा कि इस घटना के बाद से प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ाने के लिए खुलकर प्रयास किये जा रहे हैं तथा यह तथ्य खुलकर सामने आ गया है कि समाधान सेना तथा ऐसे ही कई और संगठन एक बार फिर मुज़फ़्फ़रनगर की घटनाओं को दोहराने की तैयारी कर रहे हैं तथा युवाओं में विसंगतिया भर रहे हैं। भूतपूर्व विधायक नवाब सिंह नागर तथा भाजपा उपाध्यक्ष श्री चन्द शर्मा अखलाक की मौत पर हमलावरों का पक्ष ले रहे हैं और बिसाहड़ा में महापंचायत की धमकी देकर पुलिस कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं परन्तु कोई भी कार्यवाही इनके विरूद्ध सामने नहीं आई है।
पार्टी के दिल्ली प्रदेश सचिव अज़ीम नवेद ने प्रदर्शन का संचालन करते हुए कहा कि इन हालात में समाधान सेना पर तुरन्त पाबंदी लगाई जाए और इसके मुखिया गोविन्द चौधरी के विरूद्ध निरोधात्मक कार्यवाही के साथ सांप्रदायिक हिंसा फैलाने तथा अख़लाक व उसके बेटे दानिश पर हमला करने के जुर्म में जेल भेजा जाए।
इस मौक़े पर एनडब्लूसी सदस्य शाहीन कौसर ने कहा कि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया यह मांग करती है कि उपरोक्त परिस्थितियों पर काबू पाने के लिए यूपी सरकार द्वारा त्वरित कार्यवाही की जाए तांकि सांप्रदायिक मन्सूबों को नाकाम किया जा सके तथा जनता में सुरक्षा की भावना को मज़बूत किया जा सके। इस मौक़े दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष इरफान अहमद, हाजी नूर के साथ कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं क अलावा भारी तादाद में पार्टी कार्यकर्ताओं ने शिरकत की।
यह जानकारी एक विज्ञप्ति में दी गई।


