दिग्विजय सिंह ने भोपाल एन्काउंटर पर उठाए सवाल #BhopalFakeEncounter
दिग्विजय सिंह ने भोपाल एन्काउंटर पर उठाए सवाल #BhopalFakeEncounter
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव व मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोपाल जेल से कथित तौर पर भागे सिमी के आठ सदस्यों के एन्काउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या कारण है कि जेल से सिमी से संबंधित क़ैदी ही क्यों भागते हैं ? आठों को मप्र पुलिस ने मार गिराया। क्या क़ैदियों के पास हथियार थे ?
श्री सिंह ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा
“सरकारी जेल से भागे हैं या किसी योजना के तहत भगाये गये हैं ? जॉंच का विषय होना चाहिये। दंगा फ़साद ना हो प्रशासन को नज़र रखना पड़ेगा।“
उन्होंने कहा
“कॉंग्रेस सरकार ने सीमी पर प्रतिबंध लगाया। भाजपा सरकार ने २०११ में सिमी कैदीयों को खाचरोद जेल से माफी दी।“
श्री सिंह ने कहा
“अगर ज़िंदा पकड़ते तो पूरी घटना की जानकारी मिल सकती थी। किन्तु सारा घटनाक्रम भी उजागर हो जाता। शायद इसीलिये मार दिया गये।“
कांग्रेस महासचिव ने कहा
“यदि NIA से ही जॉच करवाना है तो जॉंच अदालत की मॉनिट्रिंग में होना चाहिये और जेल की कार्य प्रणाली की न्यायिक जॉंच होना चाहिये।“
SIMI और बजरंग दल पर मैंने प्रतिबंध लगाने की सिफ़ारिश तत्कालीन NDA सरकार से की थी। उन्होंने SIMI पर तो लगा दिया बजरंग दल पर नहीं लगाया।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 31, 2016
दोनों मिल कर दंगे कराते हैं। खण्डवा से भी जेल तोड़ कर SIMI के लोग भागे और भोपाल की जेल से भी SIMI के लोग भागे।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 31, 2016
सरकारी जेल से भागे हैं या किसी योजना के तहत भगाये गये हैं ? जॉंच का विषय होना चाहिये। दंगा फ़साद ना हो प्रशासन को नज़र रखना पड़ेगा।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 31, 2016
कॉंग्रेस सरकार ने सीमी पर प्रतिबंध लगाया। भाजपा सरकार ने २०११ में सिमी कैदीयों को खाचरोद जेल से माफी दी।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 31, 2016
२०१३ में खंडवा जेल से ५ सिमी कैदी फरार हुए। २०१४ में मुख्य सचिव को सूचित किया कि भोपाल जेल से भी सिमी कैदी भाग सकते हैं।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 31, 2016
क्या कारण है कि जेल से सीमी से संबंधित क़ैदी ही क्यों भागते हैं ? आठों को मप्र पुलिस ने मार गिराया। क्या क़ैदियों के पास हथियार थे ?
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 31, 2016
अगर ज़िंदा पकड़ते तो पूरी घटना की जानकारी मिल सकती थी। किन्तु सारा घटनाक्रम भी उजागर हो जाता। शायद इसीलिये मार दिया गये।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 31, 2016
यदि NIA से ही जॉच करवाना है तो जॉंच अदालत की मॉनिट्रिंग में होना चाहिये और जेल की कार्य प्रणाली की न्यायिक जॉंच होना चाहिये।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 31, 2016
Shocked to know some channels had the fake encounter video even before @IndiaToday but they didn't run it saying it would be 'anti-national'
— Rahul Kanwal (@rahulkanwal) October 31, 2016


