दिल्ली विधानसभा चुनाव सर्वे- आप सबसे बड़ी पार्टी, भाजपा बहुमत से दूर!
दिल्ली विधानसभा चुनाव सर्वे- आप सबसे बड़ी पार्टी, भाजपा बहुमत से दूर!
इलेक्टलाइन को दिल्ली विधानसभा चुनाव सर्वे में तेजी से गिर रहा है भाजपा का ग्राफ
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में चुनावी सरगर्मी तेज हो रही है और साथ ही साथ तेजी से बदल रहे है रुझान, मतों के बंटवारे और लोगों की पसंद। ऐसे में इलेक्टलाइन कंपनी की तरफ से दिल्ली की सभी विधानसभा सीटो से लिए गए मतदाताओं के सर्वे को आधार माना जाए तो आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती नजर आ रही है। साथ ही मुख्यमंत्री के पद के दावेदारों में केजरीवाल सबसे आगे हैं तो दूसरी तरफ किरन बेदी दूसरे स्थान पर। (दिल्ली विधानसभा चुनाव सर्वे )
आंकड़ों के आधार पर सर्वे कंपनी इलेक्टलाइन ने अपने ताजा सर्वे में आम आदमी पार्टी को बड़ी तेजी से बहुमत के पास वाले आंकड़ों के करीब पाया है जबकि भाजपा की सीटों में तेजी से गिरावट भी दर्ज की है अगर इलेक्टलाइन के आंकड़ो पर गौर करे तो ये विधानसभा त्रिशंकु विधानसभा रहेगी जिसमे आम आदमी पार्टी 32 सीटों के साथ पहले नंबर पर, भाजपा 30 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर, कांग्रेस 6 सीटो के साथ तीसरे नंबर और बाकी दो सीटों पर अन्य के आने की संभावना जताई है। इसका कारण किरन बेदी के आने के बाद भाजपा की आपसी अंतर्कलह माना जा रहा है।
इलेक्टलाइन के इस सर्वे के पीछे उनकी 200 नौजवानों की टीम थी जिसने हर विधान सभा के बूथ पर जाकर लोगों के रुझान जाने। मतदाताओ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज तक का सबसे बढ़िया प्रधानमंत्री बताया तो विकास पर उनका उत्साह थोड़ा धूमिल होता दिखा जबकि केजरीवाल के अंदाज को भी मतदाताओ ने पसंद किया और इसको साफ़ सुथरी राजनीति के लिए जरूरी बताया। सबसे ज्यादा भितरघात की आशंका भाजपा में नजर आ रही है तो कांग्रेस के सबसे ज्यादा कार्यकर्ता टूटकर दूसरी पार्टी में जाते पाए गए। हालाँकि कुछ लोगों की राय में आम आदमी पार्टी की छवि थोड़ी धूमिल हुई है। पर ज्यादातर मतदाताओं ने पार्टी के बजाय व्यक्तियों का चुनाव बताया।
इलेक्टलाइन के सीईओ विजय शुक्ल ने बताया कि ये सर्वे हर बूथ पर किए गए हैं और इसमें समाज के हर वर्ग के लोगों का विचार लिया गया है, हमारी टीम तीन तारीख को अपना सर्वे फिर घोषित करेगी जो सभी पार्टियों की आक्रामक चुनावी प्रचार के बाद आए हुए बदलाव और उसका चुनाव परिणामों पर असर जानने में मददगार होगा। लेकिन जो भी हो भाजपा को पूर्ण बहुमत का आंकड़ा इस सर्वे में काफी दूर दिख रहा है अब देखना ये है की जमीनी हक़ीकत पर ये सर्वे कितना सही उतरता है।
इलेक्टलाइन


