देश का प्रख्यात डॉ हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य सम्मान पंकज चतुर्वेदी और डॉ. प्रदीप शुक्ल को
देश का प्रख्यात डॉ हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य सम्मान पंकज चतुर्वेदी और डॉ. प्रदीप शुक्ल को
देश का प्रख्यात डॉ हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य सम्मान पंकज चतुर्वेदी और डॉ. प्रदीप शुक्ल को
नई दिल्ली। तृतीय हरिकृष्ण देवसरे बालसाहित्य पुरस्कार 2016 एवं बालसाहित्य सम्मान की घोषणा कर दी गई है। 2016 पुरस्कार के संयुक्त विजेता हैं पंकज चतुर्वेदी और डॉ. प्रदीप शुक्ल।
हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य पुरस्कार भारत के सबसे बड़े बालसाहित्य पुरस्कारों में है। यह बालसाहित्य की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है जिसे गत तीन वर्षों से ऑनलाइन (डिजिटल) और ऑफलाइन माध्यमों पर लगातार सफलतापूर्वक आयोजित किया जा रहा है।
हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य न्यास, की विज्ञप्ति में कहा गया है कि न्यास की कार्यकारी समिति ने निर्णायक मंडल के निर्णय और विचारों का बारीकी से अवलोकन किया। तद्पश्चात निर्णायकों के निर्णय के आधार पर यह सुनिश्चित किया गया कि 2016 वर्ष का हरिकृष्ण देवसरे बालसाहित्य पुरस्कार संयुक्त रूप से पंकज चतुर्वेदी को उनकी कृति-"बेलगाम घोड़ा व अन्य कहानियां" और डॉ. प्रदीप शुक्ल को उनकी कृति-"गुल्लू का गावँ" के लिए प्रदान किया जायेगा।
पुरस्कार स्वरूप व्यक्तिगत सम्मान पत्र एवं 75, 000 रुपये की पुरस्कार राशि सामान रूप से साँझा (37, 500 रुपये प्रत्येक) कर प्रदान की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि पंकज चतुर्वेदी प्रख्यात पत्रकार व लेखक हें. उनकी पुस्तकें हिंदी, अंग्रेजी के अलावा कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हैं। उन्होंने 40 से अधिक बच्चों की पुस्तकों का सृजन किया है जबकि बाल साहित्य की 60 से अधिक पुस्तकों का अंग्रेजी व् अन्य बोलियों से अनुवाद भी किया है। वे देशभर में बच्चों, शिक्षको और लेखको के सतह तीन सौ से ज्यादा लेखन कार्य शालाओं का संचालन कर चुके हैं।
डॉ. हरिकृष्ण देवसरे-बच्चों के लेखन में सतत अग्रसर, बालमन के हर आयाम को अपनी कलम के द्वारा समेटने में सक्षम, निरंतर नई पीढ़ी में वैज्ञानिक चेतना, कल्पनाशीलता एवं आधुनिक सोच भरने की चेष्टा करते रहे। उनका सपना था-एक ऐसा कल जहाँ आज का बालक स्वयं को भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बना सके।
उनके उसी सपने को साकार करने के लिए "हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य न्यास" की स्थापना उनके परिजनों द्वारा उनके मित्रों और समर्थकों की सहायता से की गई।
न्यास गत 3 वर्षों से कई गतिविधियों / कार्यक्रमों / प्रतियोगिताओं / कार्यशालाओं का आयोजन कर रहा है जो आज के पाठकों के साथ-साथ लेखकों को भी ऐसा साहित्य लिखने के लिए प्रेरित करे जो न केवल मानवीय मूल्यों को समाहित किये हुए हो वरन बच्चों को यथार्थ पृष्ठभूमि व आने वाले कल का सामना करने के लिए जागरूक बना सके।
2016 की पुरस्कार प्रतियोगिता में न्यास को अभूतपूर्व संख्यां में प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।
न्यास द्वारा विशेष उपक्रम किये गए और प्रविष्टियों का चयन किया गया। इन प्रविष्टियों के मूल्यांकन हेतु एक वरिष्ठ व सक्षम निर्णायक मंडल गठित किया गया जिसके सदस्य थे:
प्रयाग शुक्ल: वरिष्ठ कवि, कला-समीक्षक, अनुवादक एवं कहानीकार। संपादक-रंग प्रसंग, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय।
गंगेश गुंजन: उपाध्यक्ष, सुलभ साहित्य अकादेमी, साहित्य अकादेमी से सम्मानित।
श्रीमती क्षमा शर्मा: वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित बाल साहित्यकार एवं संपादक।


