देश के अंधे सम्राट को पत्र।

उदय चे

माननीय अंधे सम्राट

आपकी आँखे स्वस्थ होंगी, प्रॉपर तरीके से 6/6 दिखता होगा। मैंने आपको अँधा कहा इसलिए अँधे कहने पर गुस्सा मत होना। मैंने अँधा इसलिए कहा है क्योंकि आप अँधा न होते हुए अँधा होने का जो ढोंग कर रहे हो, ये देश के लिए महाभारत के अंधे सम्राट ध्रतराष्ट्र से भी बहुत ज्यादा खतरनाक है। फिर भी मैं आपका ध्यान इस घटना पर दिलाना चाहता हूँ।

अभी 3 से 4 दिन पहले आपके 2 राज्यों की राजधानी चंढीगढ़ में एक लड़की के साथ अमानवीय घटना घटित हुई। उसको 2 गुंडों ने उठाने की कोशिश की लेकिन लड़की ने समय रहते फोन से पुलिस को सूचना दे दी।

पुलिस ने भी सतर्कता दिखाते हुए अपरहण की घटना को नाकाम करते हुए उन गुंडों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन जब पुलिस को पता चला कि ये गुंडे कोई तोइरी नहीं ये हाई प्रोफाइल परिवार से तालुक रखने वाले हैं। उन गुंडों का बाप देश के सम्राट का खासमखास है तो आपकी पुलिस के भी हाथ पांव फूल गये। पुलिस पगला गयी कि अब तो सम्राट से दण्ड मिलना लाजिमी है। दूसरी तरफ लड़की का पापा भी आपकी नौकरशाही का एक बड़ा अफसर है। लेकिन अफसर सत्ता का नौकर ही होता है सम्राट नहीं।

पुलिस के लिए ऐसे हालात हो गए कि आगे पड़े तो कुआं और पीछे पड़े तो खाई। अब राज्य के प्रकोप से कैसे अपने आप को बचाया जाए। सम्राट के प्रकोप से बचने के लिए आपकी बहादुर पुलिस ने फैसला किया सम्राट के आगे झुकने का और लड़की की बलि देने का, तत्काल उन मासूम बच्चों के लिए खाने पीने का प्रबन्ध किया गया। अब वे गुंडा नहीं मासूम बच्चे हो गए हैं। FIR में धाराएं भी वो लगाई गईं ताकि बच्चे को थाने से ही जमानत मिल जाये। क्योंकि शरीफ बच्चे कोर्ट या जेल थोड़े ही जाते हैं। उसके बाद महाभारत के उस संजय को पटाया गया जिसको आजकल मीडिया के नाम से जानते हैं। संजय ने भी सीस झुका कर साफ एलान कर दिया कि उसकी तरफ से सम्राट की शान में कोई गुस्ताखी नहीं होगी।

शहर की तीसरी आँख कहलाई जाने वाली सीसीटीवी जिसने इस पूरे खौफनाक मंजर को अपनी आँखों से देखा था। कुछ सीसीटीवी तो पितामह भीष्म, गुरु द्रोण, विदुर की तरह सब कुछ नंगी आँखों से देखने के बाद भी अंधे बन गए लेकिन कुछ खुद्दार सीसीटीवी ने इस खतरनाक मंजर को देखा और अपनी मैमोरी में सुरक्षित कर लिया ताकि समय आने पर इन गुंडों को सजा दिलाई जा सके।

लेकिन राजा के आगे किसकी चलती है उनकी याद्दाश्त को ही अलविदा कर दिया गया। उनकी सारी मैमोरी ही साफ कर दी गयी। पता नहीं वो खुद्दार अब जिन्दा भी है या मार दिए गए।

ये सब करने के बाद गुंडे का बाप सॉरी मासूम बच्चे का पापा बयान देता है कि हमें कानून पर भरोसा है। कानून सब सच सामने ला देगा। सभी सबूत मिटाने के बाद अब लड़की के खिलाफ झूठा प्रचार जारी है। ये झूठा प्रचार उन सभी पीड़ितों के खिलाफ होता है जो अपने उत्पीड़न के खिलाफ, अपने हकों के लिए लड़ते हैं। ये प्रचार रोहतक की उन 2 बहनों के साथ भी हुआ था जिन्होंने छेड़खानी करने वाले गुंडों को धुना था। ये प्रचार गुरमेहर के खिलाफ भी हुआ था। प्रचार टीम पहला सवाल उठाती है कि

  • लड़की इतनी रात क्यों बाहर निकली ?
  • लड़की ऐसे कपड़े क्यों पहनी थी ?
  • लड़की तो शराब पीती है..
  • लड़की का तो धंधा ही है लड़कों को फँसाना
  • लड़की के फोटो जारी किये जाते हैं शराब पीते हुए, लड़कों के गले लगे हुए।

मेरे एक दोस्त ने कहा कि काश सम्राट भी बेटी का बाप होता तो गुंडा छूटता नहीं और न ही ऐसे लड़की को झूठा बदनाम किया जाता, मैने उसको कहा- हे बंधु..... जरूरी नहीं कि छेड़खनी, यौनिक हिंसा, असमानता का बेटी हो तभी दर्द समझा जाये। क्या जिस SHO ने केस कमजोर बनाया उसके बेटी नहीं होगी, क्या उस जज के बेटी नहीं होगी जिसने जमानत दी, क्या खुद बराला के बेटी नहीं होगी, सीसीटीवी की फुटेज में गड़बड़ करने वालों को क्या बेटी नहीं होगी ?

एक आम आदमी की बेटी ना होने की वजह से खुशकिस्मत हूं इसीलिए रेप के बाद किसी नाले में मरी नहीं पड़ी हूं

पेट में लड़की बाप ही मरवाता है, इज्जत के नाम पर बेटी को बाप ही मारता रहा है। क्यों दर्द नहीं होता उस समय उस बाप को, क्यों बेटी को मारते समय हाथ नहीं कांपते, बंधु इस दर्द को समझने के लिए इंसान बनना जरूरी है।

हे सम्राट, एक अंधे धृतराष्ट्र के कारण महाभारत हुई थी, जिसमे जान माल की कितनी हानि हुई उसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है। काश अँधा धृतराष्ट्र उस समय कोई ठोस कदम उठाता जब द्रोपदी को राज दरबार में बालों से पकड़ कर घसीट कर लाया गया। फिर उसको नंगी करके दुर्योधन की नंगी जांघ पर बैठाने के लिए द्रोपती का चीर हरण किया गया। अगर उस समय राजा और उसके मंत्री काश अँधा बनने का ढोंग न करते तो महाभारत होने से रुक जाती वो उस समय के सबसे बड़े गुनहगार हैं और उनसे भी ज्यादा उस समय की जनता गुनहगार है जिसने औरत की इज्जत बचाने के लिए उस व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह नहीं किया।

ऐसे ही आज की जनता भी उतनी ही गुनहगार साबित होगी भविष्य में, जो आज इस नंगी गुंडागर्दी के खिलाफ चुप्पी साधे है। उनको माफ़ नहीं किया जायेगा उनसे सवाल किए जाएंगे। कहाँ थे आप उस समय जब एक लड़की के साथ ये सब हो रहा था। क्यों आपने आवाज नहीं उठायी ?

लेकिन माननीय सम्राट आप तो अंधे नहीं हो। आपको तो मोटी-मोटी आँखे हैं। फिर क्यों जानबूझ कर अंधे बने हुए हो। क्या आपको दिखाई नहीं दे रहा, क्या सुनाई ने दे रहा कि आपके परिवार, परिवार मतलब आपकी पार्टी का एक जिम्मेदार सदस्य का बेटा कैसे सरे बाजार एक लड़की की इज्जत से खेलने की कोशिश करता है। उसको बाल पकड़ कर द्रोपती की तरह घसीटने की कोशिश करता है।

उसके बाद पुलिस जब गिरफ्तार कर लेती है उस गुंडे को तो आपका सारा परिवार और उसके जिम्मेवार सदस्य उस गुंडे को बचाने के लिए क्या-क्या हथकंडे अपना रहे हैं क्या आपको सच में दिखाई नहीं दे रहा ये सब ?

उसके बाद उस लड़की के खिलाफ उसके चरित्र हनन का जो अभियान सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है, नकली फोटो बनाये जा रहे है। क्यों आप आँखे बंद कर रहे हो। आपकी ये चुप्पी और अंधे बनने का ढोंग देश को महाभारत के युद्ध की तरफ लेकर जा रहा है। ये महाभारत का युद्ध अबकी बार पीड़ित जनता और अंधी सत्ता उसके क्रूर सिस्टम के बीच होगा।

UDay Che