नहीं चाहिए काला धन? भला करेंगे भगवान
नहीं चाहिए काला धन? भला करेंगे भगवान
विजय पाटनी
सारा देश विदेशो में जमा काला धन भारत में लाने में लगा है , तरह तरह कि बातें बताई जा रही है , ये धन आया तो इस देश से गरीबी मिट जायेगी , भुखमरी मिट जायेगी , हम लोग विकसित हो जायेंगे , तरक्की के द्वार खुल जायेंगे और शायद ऐसा हो भी जाए |
लेकिन क्या हमने कभी सोचा कि विदेशो में जमा काले धन से ज्यादा धन तो हमारे भगवानों ने जमा कर रखा है ||
इस देश के लोगो का भला तो हमारे चलते फिरते भगवान भी कर सकते है , फिर चाहे वो सत्य साईं हो या योग गुरु बाबा रामदेव , श्री श्री रवि किशन हो या आसाराम और मुरारी बापू , तिरुपति के बालाजी हो या शिर्डी के साईं बाबा , लाल बाग़ का राजा हो या दगडू सेठ गणेश , सिद्धिविनायक दरबार हो या अजमेर वाले ख्वाजा का दर , इन सब कि कैश वेल्यु यदि निकाली जाए तो शायद इतनी तो निकले ही कि इस देश का हर परिवार लखपति हो जाए ||
और ऐसा हो क्यों न ? भगवान तो भक्तों का भला करने के लिए ही होते है , तो क्यों न वो आगे आयें , अपने दुखी , गरीब भक्तों का भला करने के लिए ?
इस देश कि विडंबना है कि जहाँ एक और गरीब बंद कमरों में भूख से अपनी जिन्दगी गवां रहे है , वहीँ दूसरी और अरबों की संपत्ति बंद है हमारे भगवानों के भवनों में ||
इस देश के नेता हो या साधू , बिजनिस मेन हो या भगवान सब लगे हुए है अपनी तिजोरिया भरने में, फर्क सिर्फ इतना है कि कुछ पैसा विदेशो में जमा करा रहे है, और कुछ अपने कमरों में ||
सब लगे हुए है अपना ही साम्राज्य बढाने में , जैसे हम फिर राजा महाराजो के युग में आ गए हो जहाँ राजा अमीर , धनी होता था और प्रजा बेचारी गरीब ||
विदेशी बैंक में जमा धन आम जनता का है,सही है, लेकिन इन मंदिरों में जमा धन भी तो आम जनता का ही है , और शायद जिस पे चंद लोगो का ही स्वामित्व है ||
मैं किसी भगवान या साधू के खिलाफ नहीं हूँ , मैं साम्प्रदायिक भी नहीं हूँ और न ही मैं नास्तिक हूँ , लेकिन मैं भगवान से चाहता हूँ कि वो अपनी जायदाद अपनी संपत्ति कमरों में बंद करने की बजाय, किसी गाँव के गरीबों को गोद ले के उनके भरण पोषण पे खर्च करे, ये पैसा भारत वासियों का ही है और ये पूरा उन्ही के भले के लिए खर्च होना चहिये ||
मुझे काला धन भी चाहिए और भगवान का प्रसाद भी , क्योंकि भगवान तो भक्तों का भला करने के लिए ही होते है ||


