नाजीवाद यूरोप में राष्ट्रवाद के कंधे पर बैठ कर आया, भारत में विकास और स्वराज के नाम पर
नाजीवाद यूरोप में राष्ट्रवाद के कंधे पर बैठ कर आया, भारत में विकास और स्वराज के नाम पर
नाजीवाद यूरोप में राष्ट्रवाद के कंधे पर बैठ कर आया, भारत में विकास और स्वराज के नाम पर
राजीव यादव
#Nazivad=Swarajparty? ये एक निशान, जिसका नस्ले आदम से रिश्ता हुआ खून, आग के जंगल में बस ये एक निशान। इंसानियत के चेहरे पर जख्म की तरह बस यही तो बचा था। ये आपके देश नहीं जर्मनी की बात की जा रही है।
इतिहास में ताक - झांक कीजिए तो पता चल जायेगा कि नाजीवाद यूरोप में राष्ट्रवाद के कंधे पर बैठ कर आया, भारत में विकास और स्वराज के नाम पर .....
पिछले सात दशकों में कई लोग रंग बदले हैं... वैसे स्वराज भी बदला है।
जवाहर लाल, गांधी, फणीश्वर नाथ रेणु के बिहार से रामलीला मैदान से होते हुए लखनऊ आ गया है। इस यात्रा में निजाम के साथ बदल भी गया है, देखिए न रंग, चाल -चलन बिल्कुल मेल खा रहा है।


