नई दिल्ली, 11 जनवरी। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय भूतल परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि नितिन गडकरी को फ़ौरन मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए।
प्रतिष्ठित समाचार पत्र देशबन्धु की एक खबर के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने अपने प्रभाव का बेजा इस्तेमाल करके आई आर बी इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपर्स लिमिटेड नाम की एक कंपनी को श्रीनगर और लेह के बीच के जोजिला दर्रे के बीच करीब 14 किलोमीटर की सुरंग बनाने ठेका दे दिया है, जिसमें बहुत सारी अनियमिताएं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका पाने वाली कंपनी और नितिन गडकरी के परिवार के बीच व्यापारिक सम्बन्ध भी हैं। इस तरह से यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार और पक्षपात का मामला है।
देशबन्धु की एक खबर के मुताबिक दिग्विजय सिंह ने इस कथित गड़बड़ी के बारे में एक पत्र लिखकर मुख्य सतर्कता आयुक्त को जानकारी दे दी है और वे प्रधानमंत्री को भी चिट्ठी लिखने वाले हैं।
मुंबई की आई आर बी इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपर्स लिमिटेड नाम की कंपनी को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और लेह के बीच के ज़ो जिल्ला दर्रे का ठेका दिया गया है। 10050 करोड़ रूपये का यह ठेका बिल्ड-आपरेट-ट्रांसफर नियम के अनुसार दिया गया है। करीब 14 किलोमीटर की यह सुरंग श्रीनगर को लेह से जोड़ेगी। अभी तो बर्फबारी के दौरान यह मार्ग बंद हो जाता है लेकिन सुरंग बनने के बाद श्रीनगर और लेह के बीच हर मौसम में संपर्क बना रहेगा। अनुमान है कि सुरंग सात साल में तैयार हो जायेगी जबकि केंद्र सरकार की तरफ से कंपनी को 22 साल तक 981 करोड़ रूपये की सालाना एन्युटी मिलती रहेगी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आई आर बी इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपर्स लिमिटेड के मालिकों से नितिन गडकरी के परिवार के बहुत ही अच्छे और व्यापारिक सम्बन्ध हैं। आई आर बी इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपर्स लिमिटेड से सम्बंधित एक अन्य कंपनी में नितिन गडकरी के पुत्र 2009 से 2011 तक डाइरेक्टर रहे हैं। आई आर बी इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपर्स लिमिटेड के संस्थापक दत्तात्रेय महिष्कर ने गडकरी परिवार की पूर्ति ग्रुप में खासा आर्थिक लेनदेन का सम्बन्ध बनाए रखा था। उन्होंने आरोप लगाया कि आई आर बी इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपर्स लिमिटेड को सुरंग बनाने के कोई अनुभव नहीं है जबकि बहुत ही बड़ी कम्पनियां इस ठेके को लेना चाहती थीं लेकिन उनको दबाव डालकर हटा दिया गया। आई आर बी इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपर्स लिमिटेड के मालिक दत्तात्रेय महिश्कर ने 1977 में मुंबई के उपनगर कल्याण डोम्बिवली में छोटी मोटी सडकों का काम शुरू किया था। जब 1995 में नितिन गडकरी महाराष्ट्र में सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री बने तो उनका कारोबार बहुत बढ़ गया। महाराष्ट्र में उनकी कंपनी का टोल कलेक्शन के क्षेत्र में भी ख़ासा दखल है।
देशबन्धु की एक खबर के मुताबिक नितिन गडकरी से इस सम्बन्ध में बात नहीं हो सकी, लेकिन मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि राजनीतिक बात में तो कुछ भी टिप्पणी नहीं की जा सकती, लेकिन आई आर बी इन्फ्रास्ट्रचर डेवलपर्स लिमिटेड को जोजिला दर्रे की सुरंग का ठेका देने में फ़ाइल में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है।