नेपाल में भूकंप राहत में लगा लापता अमेरिकी मरीन कोर हेलीकॉप्टर मिला, सभी सवार मृत, संदेह में दुर्घटना
नेपाल में भूकंप राहत में लगा लापता अमेरिकी मरीन कोर हेलीकॉप्टर मिला, सभी सवार मृत, संदेह में दुर्घटना
नेपाल में भूकंप राहत में लगा लापता अमेरिकी मरीन कोर हेलीकॉप्टर मिला, सभी सवार मृत, संदेह में दुर्घटना
नई दिल्ली। नेपाल में भूकंप राहत में लगा अमेरिकी मरीन कोर हेलीकॉप्टर जो विगत मंगलवार को लापता हो गया था, मिल गया है। नेपाली मीडिया की खबरों के मुताबिक यह हेलीकॉप्टर आज प्रातः 11:20 पर खोज लिया गया लेकिन इसमें सवार सभी लोग 8 लोग, जिनमें 6 अमेरिकी सैनिक व 2 नेपाली सैनिक मारे गए हैं।
कांतिपुर पोस्ट की ताजा खबर में सैन्य अधिकारी मेजर जनरल बिनोज बसन्यात के हवाले से यह जानकारी दी गई है।
यह एयरक्राफ्ट मरीन लाइट अटैक हेलीकॉप्टर सक्वाड्रन 496 इसका हिस्सा है। नेपाल गृह मंत्रालय के प्रवक्ता लक्ष्मी प्रसाद ढकाल के हवाले से मीडिया में जानकारी आई थी कि हेलीकॉप्टर मंगलवार को लगभग 3.25 बजे लापता हुआ।
हेलीकॉप्टर अंतिम बार सुनखानी क्षेत्र में देखा गया था।
यह रहस्य बना हुआ है कि मौसम के चलते हेलीकॉप्टर क्रेश हो गया या इसके और कारण हैं।
इस चौपर के ट्रेस होने के बाद इलाके में सभी निजी हेलीकॉप्टर्स की उड़ानों पर रोक लगा दी गई।
हेलीकाप्टर कलिनचौक ( Kalinchowk ) पहाड़ी के पूर्वोत्तर भाग में 11,200 फिट की ऊंचाई पर बिखरे हुए पाया गया था। यह स्थान उस जगह के ठीक विपरीत है जहां से अंतिम बार इस हेलीकॉप्टर का संपर्क स्थापित हुआ था। कांतिपुर की खबर के मुताबिक काठमांडू टॉवर से अंतिम बार जब इस हेलीकॉप्टर का संपर्क मंगलवार को सायं 3 बजे स्थापित हुआ था तब उसकी लोकेशन ढोलका जिले में सुनखनी क्षेत्र था।
हालांकि दुर्घटना के पीछे सही कारण पता नहीं चल पाया पर इस दुर्घटना को संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक “आतंकित” कप्तान ने काफी ऊँची उड़ान भरी। या तो वह क्षेत्र में हो रहे भूस्खलन से घबराकर हेलीकॉप्टर को काफी ऊँचाई तक ले गया या फिर घने कोहरे में ऊँचाई का अंदाजा नहीं लगा सका।
सुगबुगाहट है कि यह दुर्घटना न होकर कुछ और तो नहीं है? क्योंकि यह क्षेत्र चीन की सीमा के नजदीक है और चीन पहले भी विदेशी सेनाओं की क्षेत्र में उपस्थिति पर एतराज जता चुका है। कांतिपुर पोस्ट ने भी एक एविएशन विशेषज्ञ का नाम न छापने की शर्त के साथ वक्तव्य प्रकाशित किया है जिसमें उस विशेषज्ञ ने आश्चर्य जताया है कि हेलीकॉप्टर 1200 फीट ऊँचाई तक जा पहुंचा जबकि राहत कार्यों में जमीन से 600 फीट ऊपर तक ही उड़ान भरी जा सकती है।


