नोटबंदी : कारपोरेट की अगुवाई में मोदी का जनता पर हमला – भाकपा (माले) रेड स्टार

नई दिल्ली, 02 दिसंबर। भाकपा (माले) रेड स्टार ने कहा है कि कारपोरेट की अगुवाई में नोटबंदी का हमला काले धन के खात्मे के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के थोड़ी-बहुत बचत को बैंक प्रणाली के जरिए कारपोरेट अरबपतियों की तिजोरी में पहुंचाने की कलाबाजी है।
एक प्रेस विज्ञप्ति में नोटबंदी पर पुस्तिका जारी करते हुए भा.क.पा. (मा-ले) रेड स्टार म. प्र. के राज्य सचिव विजय कुमार ने कहा कि मोदी द्वारा 8 नवम्बर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रुपए के नोट को प्रचलन से बाहर कर दिया गया है। नोटबंदी की इस घोषणा के फलस्वरूप चारों तरफ आर्थिक अफरा-तफरी फैल गई है और देश की आम जनता का बड़ा हिस्सा अकथनीय कष्ट भोग रहा है।

सर्जिकल स्ट्राइक का पासा उल्टा पड़ गया
उन्होंने कहा चूंकि नियंत्रण रेखा पर कथित‘लक्षित हमला’(सर्जिकल स्ट्राइक) का पासा उल्टा पड़ गया है और कश्मीर के हालात बदतर होते जा रहे हैं, ऐसी स्थिति में मोदी ने यह नाटकीय कदम उत्तर प्रदेश, पंजाब आदि राज्यों के विधान सभा चुनाव में भुनाने की नियत से उठाया है।
कॉमरेड कुमार ने कहा कि काले धन पर लगाम कसने के साधन के रूप में नोटबंदी के पीछे कोई आर्थिक तर्क नहीं है। इसलिए, मोदी ने देशभक्ति की आड़ लेकर यह जन-विरोधी कदम उठाया है।
उन्होंने कहा कि देश की कुल मुद्रा मूल्य का 86.4 प्रतिशत हिस्सा 500 और 1000 रूपए की शक्ल में है, जिसे एक झटके में सर्कुलेशन से बाहर कर दिया गया है, मगर रोजमर्रा के लेनदेन के लिए कम मूल्य के नोटों से इसकी भरपाई करने का कोई इन्तजाम नहीं किया गया है। इसके कारण जनता की खरीदने की क्षमता खत्म हो गई है।

दो हफ्ते के भीतर ही देश की विकास दर आधी रह गई
भाकपा (माले) रेड स्टार नेता ने कहा कि पैसे की इस कमी का विनाशकारी परिणाम यह है कि सभी तरह की उत्पादक गतिविधियां पूरी तरह ठप्प पड़ गई हैं, जिसमें कृषि, खुदरा व्यापार, परम्परागत ग्रामीण रोजगार आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा चूंकि भारत में करीब 95 प्रतिशत आबादी अनौपचारिक और असंगठित क्षेत्र में कार्यरत है, जहां पूरा आर्थिक कारोबार नगदी में होता है, वहां नोटबंदी के इस कदम के कारण नगदी की भारी कमी हो गई है और दो हफ्ते के भीतर ही देश की विकास दर आधी रह गई है।
कॉमरेड कुमार ने कहा यह एक सर्वज्ञात तथ्य है कि मौजूदा आर्थिक व्यवस्था, शासक तंत्र द्वारा काला धन पैदा किया जाता है जिसका अम्बानी, अडानी, माल्या जैसे काले धन के कारपोरेट अरबपति मालिकों के साथ अपवित्र गठबंधन है। ऐसे लोगों ने विदेशी टैक्स स्वर्गों में देश के राष्ट्रीय आय से ज्यादा धन जमा कर रखा है।

बैंक प्रणाली के जरिए कारपोरेट अरबपतियों की तिजोरी में पहुंचाने की कलाबाजी
उन्होंने कहा कि अढ़ाई साल पहले प्रधानमंत्री के पद पर बैठने के समय मोदी ने वायदा किया था कि वे 100 दिन के अन्दर इस काले धन को वापस लायेंगे और प्रत्येक भारतीय नागरिक के खाते में 15 लाख रुपए जमा करेंगे। इस मामले में कोई कदम उठाने के बजाय, वे काले धन के मालिकों को संरक्षण प्रदान करते रहे और यहां तक कि उन्हें मारिशस के रास्ते अपने गैर-कानूनी धन को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफ.डी.आई.) के रूप में भारत लाकर सम्पत्ति इकट्ठा करने के लिए प्रोत्साहित भी करते रहे।
उन्होंने कहा कि अधिकारिक तौर पर भी यह बात मान्य है कि शासन तंत्र द्वारा पैदा किये गये काले धन का करीब 80 प्रतिशत स्विस बैंक’में है। शेष 20 प्रतिशत काले धन का एक बड़ा हिस्सा भू-परिसम्पदा, जमीन, सोना, कम्पनियों के शेयर, नशीली दवाओं की तस्करी आदि के रूप में देश के अन्दर जमा है। कुल मुद्रा प्रचलन का केवल 5 प्रतिशत ही काले धन या अघोषित नगदी के रूप में है। इस 5 प्रतिशत के लिए 86.4 प्रतिशत मुद्रा को प्रचलन से बाहर कर दिया है।

कारपोरेट अरबपतियों को खुश करने के लिए 2000 रुपए के नोटों की अग्रिम छपाई
कॉमरेड कुमार ने कहा कम मूल्य के नोटों की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति करने के बजाय, जिसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, 2000 रुपए के नोटों की अग्रिम छपाई कारपोरेट अरबपतियों को खुश करने के लिए है। साथ ही, यह आम जनता के जले पर नमक छिड़कने जैसा है। अब तक करीब 60 लोग कतार में खड़े-खड़े मर गये हैं। फिर भी मोदी ने सहकारी बैंकों, कृषि क्रेडिट सोसाइटियों, हाउसिंग सोसाइटियों आदि में किसानों और आम जनता की मेहनत की कमाई से जमा रूपए पर रोक लगाने का काम किया है।
उन्होंने कहा इन सब बातों से यह साफ पता चलता है कि कारपोरेट की अगुवाई में यह हमला काले धन के खात्मे के लिए नहीं है, बल्कि यह आम जनता के थोड़ी-बहुत बचत को बैंक प्रणाली के जरिए कारपोरेट अरबपतियों की तिजोरी में पहुंचाने की कलाबाजी है।

प्रत्येक भारतीय के खाते में 15 लाख जमा करो !
इस नाजुक परिस्थिति में, भाकपा (माले) रेड स्टार की पोलित ब्यूरो ने मजदूरों, किसानों और सभी उत्पीड़ित जनता से सड़कों पर उतर कर मोदी सरकार द्वारा किये गये इस निर्मम कारपोरेटी हमले प्रतिरोध करने की अपील की है।
पार्टी ने कहा है नोटबंदी काले धन के खात्मे के लिए नहीं, बल्कि जनता पर हमला है, इसका प्रतिरोध करो !
देश और विदेश में जमा सभी काला धन जब्त करो !
प्रत्येक भारतीय के खाते में 15 लाख जमा करो !