नई दिल्ली। नौकरी से निकाले गए 99 कर्मचारियों ने दिल्ली ऑफिसेज एण्ड इस्टाब्लिसमेंट इम्पलाईज यूनियन ( सीटू ) आई.आर.सी.टी.सी. शाखा के नेतृत्व में भोजनावकाश के दौरान आज भारत सरकार की एक मिनि-रत्न संस्थान इन्डियन रेलवे कैटरिंग एण्ड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड ( आई.आर.सी.टी.सी) के कॉरपोरेट ऑफिस, स्टेटमैन हाउस, बाराखंभा रोड, नई दिल्ली के गेट पर जोरदार प्रर्दशन किया।
सभा को आईआरसीटीसी के नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों का नेतृत्व करने वाले सुरजीत श्यामल ने संबोधित करते हुए प्रबंधकों को अगाह किया कि जब तक हमारे गैर कानूनी तरीके से नौकरी से निकाले गए साथी कर्मचारियों नौकरी बहाल नही हुई और अन्य मॉगों को नही पूरा किया जाता तब तक अपने अंतिम सॉ़स तक लड़ते रहेंगे।
सुरजीत श्यामल ने कहा कि आई.आर.सी.टी.सी प्रबंध अपने 8वीं पास सगे-संबंधियों टीएडीके (बंगला प्यून) के रूप में 6 महीना तक डेली वेजेर के रूप में काम करवाने के बाद वर्कमैन-1 के पद पर 18000/ मासिक पर रखा जाता है। जैसे ही उनका 3 साल का कार्यकाल पूरा होता हैं तो उनको रेगुलर कर लिया जाता है। जबकि हमारे कर्मचारी साथीगण लगभग 3-12 साल से लगातार काम कर रहे हैं और ग्रेजुएट होने के साथ-साथ बीसीए, एमसीए, एमबीए होने के बावजूद मात्र मिनिमम वेजेज पर ही संतोष करना पड़ता हैं।
श्री श्यामल के अलावा सीटू के वरिष्ठ नेता कामरेड कुशवाहा, कामरेड राजपूत, कामरेड अशोक और कामरेड पंत ने संबोधित किया। कर्मचारियों का जोश देखते ही बन रहा था। इंकलाब जिंदाबाद, आईआरसीटीसी प्रबंधन मुर्दाबाद, सीटू जिंदाबाद, आईआरसीटीसी कर्मचारी एकता जिंदाबाद आदि के नारों से स्टेममैनस हाउस गुंज उठा। यह पहला मौका था जब कर्मचारियों ने अघ्यक्ष आई.आर.सी.टी.सी के कार्यालय का घेराव किया था। कर्मचारियों ने नारेबाजी के अलावा अपने साथ हुए शोषण की कहानी लिखी पर्चे भी बॉंटे।