नौटंकी बंद करो ! क़ायदे से अपना काम करो ! आप गृहमंत्री, प्रतिरक्षा मंत्री या प्रधान मंत्री हो.
उज्ज्वल भट्टाचार्या
सैनिक जब मोर्चे पर होता है तो जी-जान से लड़ता है. उसे पता होता है कि अगर वह दुश्मन को ख़त्म नहीं करेगा, तो दुश्मन उसे ख़त्म कर देगा.
क्या यह मानवता की रक्षा के लिये लड़ाई थी ? सेना को अपने अड्डे और साज़-सामानों की रक्षा करनी है, तो यह कौन सा महान मानवतावादी काम हो गया ? भई, रात को अगर मैं मकान के दरवाज़े पर ताला लगाता हूं तो घर की हिफ़ाज़त के लिये, न कि मानवता की ख़ातिर. कम से कम हमारे घर में तो उस समय मानवता की बात नहीं सोची जाती है. नहीं, यह खूंखार आतंकवादियों और गवर्नेंस के बीच मुक़ाबला था और गवर्नेंस बिल्कुल नालायक साबित हुआ है.

बॉर्डर से वे इतना साज़-सामान लेकर अंदर घुसे. एक अधिकारी का अगवा कर उनसे गाड़ी छिनी. गुप्तचर विभाग के पास सूचनायें थीं. फिर वे कब, कहां से और कैसे वायुसेना के अड्डे में घुस गए ? विमानों और हेलिकॉप्टरों की रखवाली की गई तो पूरे अड्डे की रखवाली क्यों नहीं की गई ? ये आतंकवादी थे या पाकिटमार ?
वायुसेना ने कहा है कि समय पर क़दम उठाते हुए आतंकवादी हमले को विफल कर दिया गया ! यह अगर विफलता थी तो सफलता कैसी होती ?
दहशतगर्द, दहशतगर्द होता है. वह न तो वोट मांगता है, न वोट देता है. उसे तुष्टीकरण-वरण की कोई परवाह नहीं होती. किसी समुदाय की कोई फ़िक्र नहीं होती. उससे निपटने के लिये किसी कुत्सा अभियान की नहीं, एक अनुभवी सर्जन के सधे हुए हाथ की छुरी और बारीकी की ज़रूरत होती है, जो बीमार हिस्से को काटकर निकाले, पर जिस्म के बाकी हिस्सों को कोई नुकसान न पहुंचावे.
नौटंकी बंद करो ! क़ायदे से अपना काम करो ! आप गृहमंत्री, प्रतिरक्षा मंत्री या प्रधान मंत्री हो.