नई दिल्ली, 02 अप्रैल। देश के विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने कश्मीर पर मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए एक स्वर में कहा है कि यदि वहां हालात पर काबू नहीं पाया गया तो पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना सही साबित हो जाएंगे।

समाजवादी नेता एवं चिंतक मधु लिमये की जयंती पर यहां आयोजित संगोष्ठी में जनता दल यूनाइटेड के शरद यादव ने कहा कि पीडीपी -भाजपा गठबंधन के एजेंडा फार अलायंस में हुर्रियत समेत सभी पक्षों से बातचीत करने की बात कही गयी है। उन्होंने कहा कि हाल में उपचुनाव से पता लगा है कि वहां की जनता ने संविधान से किनारा कर लिया है।

श्री यादव ने कश्मीर के हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए वह सबसे बडी चुनौती बन गया है। यदि वहां के हालात नहीं सुधरे तो जिन्ना सही साबित होंगे।

माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कश्मीर में भारतीय जवानों के शवों के साथ हुए बर्ताव को गंभीर बताते हुए कहा कि कश्मीर में सरकार की नीति विफल साबित हुई है।

भाकपा के अतुल कुमार अंजान ने भाजपा के ‘एक राष्ट्र, एक निशान और एक विधान’ के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि पहले वह पीडीपी को राष्ट्रविरोधी बताती थी और अब उसी के साथ मिलकर सरकार बना ली।