मैसूर विश्‍वविद्यालय के पत्रका‍रिता विभाग में प्रोफेसर
फूले-आम्‍बेडकरवादी लेखक हैं बीपी महेश चंद्र गुरू

नई दिल्ली। सांस्‍कृतिक वर्चस्‍वाद का विरोध करने वाले लेखकों, बुद्धिजीवियों का दमन रूकने का नाम नहीं ले रहा। अब कर्नाटक पुलिस ने मैसूर विश्‍वविद्यालय के पत्रका‍रिता विभाग में प्रोफेसर व फूले-आम्‍बेडकरवादी लेखक बीपी महेश चंद्र गुरू को गिरफ्तार कर लिया है।

प्रोफेसर गुरू ने पिछले दिनों अपने विश्‍वविद्यालय में रोहित वेमुला को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन मंत्री स्‍मृति इरानी पर कठोर टिप्‍पणियां की थी तथा कथित तौर पर भगवान राम का अपमान किया था।

फारवर्ड प्रेस के संपादक प्रमोद रंजन ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रोफेसर गुरू फारवर्ड प्रेस के नियमित लेखक रहे हैं तथा पिछले साल उन्‍होंने साथी कन्‍नड़ लेखकों के साथ मिलकर मैसूर में महिषासुर दिवस का आयोजन किया था, जिसकी व्‍यापक चर्चा कन्‍नड़ मीडिया में हुई थी। उसी समय से प्रो. गुरू सरकार के निशाने पर थे।
सांस्‍कृतिक वर्चस्‍ववाद के खिलाफ लेखकों के पक्ष में खड़े हों
प्रमोद रंजन ने कहा हम सांस्‍कृतिक वर्चस्‍ववाद के खिलाफ विभिन्‍न भाषाओं में रचनारत लेखकों के दमन की निंदा करते हैं तथा लोगों के अपील करते हैं वे अपने लेखकों के पक्ष में खड़े हों।

कुछ ही दिन पहले पूर्व कांचा इलैया को सांप्रदायिक गुंडों ने धमकी थी। कांचा पर कुछ दिन पहले कथित तौर पर भगवान का अपमान करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। छत्‍तीसगढ़ के पत्रकार व एक पाक्षिक पत्र के संपादक तथा ऑल इंडिया मूलनिवासी बहुजन सेंट्रल संघ' के संयोजक विवेक कुमार द्वारा हिंदू देवी दुर्गा के संबंध में की गयी एक फेसबुक टिप्‍पणी के कारण उनके कस्‍बे मानपुर को उपद्रवी तत्‍वों ने कई दिन तक बंद रखा तथा तोड़फोड़ की। उपद्रवियों के दबाव में पुलिस में श्री कुमार को विभिन्‍न धाराओं में गिरफ्तार कर लिया। अभी दो दिन पहले ही वे 70 दिन जेल में रहकर जमानत पर छूटे हैं।