परेशान है किसान, मदद चीनी मल मालिकों को !
परेशान है किसान, मदद चीनी मल मालिकों को !
नई दिल्ली। किसान गन्ना का बकाया न मिलने के कारण परेशान है, खेतों में अपनी खड़ी फसल जला रहा है लेकिन न केंद्र सरकार और न राज्य सरकारों पर इसका कोई असर है। उधर भारत सरकार की आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने गुरूवार को गन्ने की बकाया धनराशि के लिए चीनी उद्योग को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
'चीनी उपक्रमों को वित्तीय सहायता में वृद्धि योजना 2013" में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार चीनी उद्योग को आर्थिक सहयोग देने की स्वीकृति दी गई है। इस योजना पर खर्च की गई राशि चीनी विकास कोष से उपलब्ध कराई जाएगी। पॉंच वर्ष तक की समय-सीमा तक के लिए ऋण पर लगने वाले ब्याज पर आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। इसमें 2 वर्ष की रोक भी शामिल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार चीनी उपक्रमों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी ऋण के लिए ब्याज की साधारण दर पर 12% तक ब्याज दर पर आर्थिक सहायता मुहैया कराएगी जो पिछले तीन चीनी सीजनों के उत्पाद शुल्क, उपकर और चीनी पर अधिप्रभार (इसमें केन्द्रीय मूल्य योजित कर जिसका उपयोग कर लिया गया है या निर्यात के लिए काल्पनिक निर्यात भी सम्मिलित है) के बराबर सहायता बैंक द्वारा दी जाएगी। चीनी उद्योग प्रदर्शन न करने वाली परिसम्पत्तियों (एनपीए) के नाम पर बैंक से ऋण लेंगे और साथ ही अपनी राज्य सरकार से भी गारंटी के साथ ऋण ले सकेंगे।


