पाकिस्तान में संकट और गहराया, बातचीत रुकी
पाकिस्तान में संकट और गहराया, बातचीत रुकी
प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज करने का आदेश देने से इंकार करने पर हटाए गए आईजी पुलिस
नई दिल्ली (डेस्क)। पाकिस्तान में मौजूदा राजनीतिक संकट और गहरा गया है। खबर है कि विपक्षी नेता इमरान खान एवं मौलाना ताहिर उल कादरी की अगुवाई वाले प्रदर्शनकारियों तथा सरकार के बीच बातचीत रुक गई। इधर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने संसद का घेराव कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई से इंकार किया है।
राजनीतिक संकट के समाधान की संभावना उस समय काफी धूमिल हो गई जब पाकिस्तान अवामी तहरीक (पीएटी) के प्रमुख कादरी ने भी सरकार के वार्ताकारों के दल के साथ बातचीत से इंकार कर दिया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता इमरान ने नरम रुख अख्तियार करने के बाद फिर कडा रुख अपना लिया और बातचीत को निलंबित कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी लडाई अंजाम तक पहुंचने तक जारी रहेगी।
प्रधानमंत्री शरीफ ने वरिष्ठ पत्रकारों के साथ मुलाकात के दौरान कहा कि अगर सरकार इमरान और कादरी की मांगों को स्वीकार कर लेती है तो देश कई गंभीर चुनौतियों से घिर जाएगा। शरीफ ने कहा, संसद में 12 राजनीति दलों में से 11 सरकार का समर्थन कर रही हैं। हम जनादेश को स्वीकार करते हैं। हम धरना कर रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग के बारे में सोच भी नहीं सकते। हम बातचीत के लिए तैयार हैं।
With my ppl in the rain. Nothing can stop the junoon for Naya Pakistan. pic.twitter.com/WwWSmB9Fkn
— Imran Khan (@ImranKhanPTI) August 21, 2014
उधर पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया कि जिसमें संसद को घेरकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को बाहर करने का आदेश जारी करने की माँग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक प्रशासनिक मामला है और इससे कानून के मुताबिक निपटाया जाना चाहिए। कादरी के हजारों समर्थक इमरान के समर्थकों के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ये लोग रेड जोन में एक क्षेत्र तक पहुँच चुके हैं। इस क्षेत्र में संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास, राष्ट्रपति आवास, उच्चतम न्यायालय, दूतावास समेत कई महत्वपूर्ण सरकारी इमारतें हैं।
कादरी की पार्टी के नेताओं ने कल सरकार के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की थी, लेकिन कोई नई बातचीत नहीं हुई। इमरान ने अपने पहले के रुख में थोडा नरमी दिखाई थी और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेताओं के एक दल ने सरकारी प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की थी। पाकिस्तानी की शीर्ष अदालत के इस रुख से उत्साहित इमरान ने सरकार के खिलाफ अपना रुख फिर से सख्त कर लिया और कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफा देने तक वह सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं करेंगे।
इमरान ने संसद के समक्ष अपने समर्थकों से कहा कि वे सविनय अवज्ञा आंदोलन को सभी प्रांतों में ले जाएं। उन्होंने कहा, प्रदर्शन करना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। मैं सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करता हूँ कि यहाँ से कंटेनर हटाए जाएँ ताकि जनजीवन सामान्य हो सके।
इमरान ने कहा, सरकार के साथ बातचीत खत्म हो चुकी है। यह बातचीत कैसे आगे बढ़ सकती है जब हम पहले प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का इस्तीफा चाहते हैं। अपने जमाने के मशहूर क्रिकेटर रहे इमरान अपने समर्थकों से इस्लामाबाद में जमा होने का आह्वान करते हुए कहा कि वह आखिरी गेंद तक लड़ेंगे। तहरीक-ए-इंसाफ ने ट्वीट किया, हम सरकार की समिति के साथ बातचीत को निलंबित करते हैं। उनका रवैया बातचीत के आह्वान से बिल्कुल उलट है।
पार्टी के नेता शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि इस फैसले के बारे में पंजाब के गवर्नर चौधरी मुहम्मद सरवर को अवगत करा दिया गया है और यह फैसला किया गया क्योंकि सरकार के कदम उसके बातचीत के आह्वान से उलट हैं। कुरैशी ने कहा, पुलिस ने तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी है तथा फिर से इस्लामाबाद में सडकों को बंद करना आरंभ कर दिया है। उनका यह बयान उस वक्त आया जब सरकार का एक दल एक स्थानीय होटल में तहरीक-ए-इंसाफ के नेताओं के साथ बातचीत के लिए पहुंचा। सरकार और कादरी की पाकिस्तान आवामी तहरीक के बीच बातचीत के पहले चरण से भी कोई प्रगति नहीं हो सकी क्योंकि कादरी के प्रतिनिधियों ने शरीफ के इस्तीफे की माँग की।
धार्मिक नेता कादरी ने पहले वार्ताओं के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था लेकिन जब सेना ने यह स्पष्ट कर दिया कि उसकी ओर से मध्यस्थता की कोई संभावना ही नहीं है, तो कादरी ने जल्दी ही इसे स्वीकार कर लिया। उधर, एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने आज इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक आफताब चीमा को उनके पद से हटा दिया। खालिद खटक को उनके स्थान पर तैनात किया गया है। निसार अली खान ने कहा कि चीमा को हटाया गया क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज करने का आदेश देने से इंकार किया था।
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