पीठ न दिखाईये
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वे घेरे में पीट रहे थे
वे पिट रहे थे
इनकी पीठ उधर थी
इन्होंने कुछ नहीं देखा
कुछ नहीं सुना

जब ये घेरे में होंगे
कोई नहीं देखेगा
कोई नहीं सुनेगा
कोई नहीं बोलेगा

जसबीर चावला