भोपाल 14जनवरी, म. प्र. के हरदा जिले के छीपाबड़ कस्बे में चुनाव के पूर्व भड़काये गये सांप्रदायिक दंगे के मामले में जबलपुर उच्च नायायालय ने सोमवार को सीबीआई और पूर्व राजस्व मंत्री व पूर्व विधायक कमल पटेल को नोटिस जारी किये।

समाजवादी जन परिषद् के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य अनुराग मोदी की जनहित याचिका में सुधार की माँग को मंजूर करते हुये मुख्य न्यायाधीश इ. एम्. खानवीलकर और के. के. लाहोटी की खंडपीठ ने सीबीआई और पूर्व राजस्व मंत्री और पूर्व विधायक कमल पटेल को जवाब देने को कहा है। सामाजिक कार्यकर्ता जावेद आनीस ने बताया कि न्यायालय ने याचिकाकर्ता की ओर से दाखिल सुधारित याचिका पर उनके वकील राघवेन्द्र कुमार की दलीलों को सुना। याचिकाकर्ता के वकील का कहना था कि खिरकिया दंगे के मामले में उनके द्वारा दाखिल सबूतों से कमल पटेल की संलिप्ता साफ़-साफ़ नजर आती है इसलिए उन्हें मामले में आरोपी बनाए जाना चाहिए और इस बारे में पुलिस का ढीला-ढाला रवैया देखते हुये मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी जाना चाहिए। अनुराग मोदी का कहना है कि उनके द्वारा दाखिल सबूतों के आधार पर कार्यावाही करने की बजाए पुलिस उन्हें मिटाने में लगी है। मामले में आजतक मुख्य आरोपी को पकड़ा नहीं गया।

उल्लेखनीय है की म. प्र. में विधानसभा चुनाव के पूर्व हरदा विधानसभा के छीपाबड़ थानांतर्गत छीपाबड़ कस्बे में 19 सितम्बर को गाय को मारे जाने के नाम पर भीड़ को भड़काकर दंगे कराये गये। इस दंगे में मुस्लिमो के 50 से ऊपर घर जलाए गये और लगभग एक करोड़ रुपए की सम्पति का की छति हुयी। इस मामले में घटना के फोटोग्राफ के आधार पर जहाँ कमल पटेल के लड़के को घटना स्थल पर देखा जा सकता है, वहीं मुख्य आरोपी सुरेन्द्र राजपूत को कमल पटेल के साथ भाजपा के अनेक कार्यक्रमों में दिखाया गया है।