प्रो. जी. डी. अग्रवाल की गिरफ्तारी की आइपीएफ ने की निंदा
प्रो. जी. डी. अग्रवाल की गिरफ्तारी की आइपीएफ ने की निंदा
प्रो0 अग्रवाल को तत्काल रिहा करे सरकार- अखिलेन्द्र
लखनऊ। उत्तराखण्ड में आयी त्रासदी के लिये जिम्मेदार हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और गंगा में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ पर्यावरण की रक्षा के लिए अनशन पर बैठे आईआईटी के प्रोफेसर रहे प्रख्यात पर्यावरण इंजीनियर 80 वर्षीय प्रो0 जी0 डी0 अग्रवाल की गिरफ्तारी व उन्हें हरिद्वार जेल में बंद करने की आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) ने कड़ी निन्दा की है।
आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने आज दूरभाष पर प्रो0 अग्रवाल के सहयोगी राजेन्द्र सिंह से वार्ता की और उन्हें इस आंदोलन में अपना समर्थन भी दिया। अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड में आयी इतनी बड़ी त्रासदी के लिये जबाबदेह नीतियों को बदलने की जगह सरकार इन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और अवैध खनन की कार्यवाहियों पर रोक लगाने के लिये लोकतांत्रिक आंदोलन करने वालों पर ही हमला कर रही है। 1 अगस्त को जिस तरह से अनशन से प्रो0 जी0 डी0 अग्रवाल गिरफ्तार किया गया और हरिद्वार में जेल में डाला गया है उसका आइपीएफ राष्ट्रीय स्तर पर विरोध करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को सबक लेना चाहिये और तत्काल प्रभाव से हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और गंगा में हो रहे अवैध खनन पर रोक लगानी चाहिये, पर्यावरण की रक्षा के लिए अनशन पर बैठे प्रो0 जी0 डी0 अग्रवाल को रिहा करना चाहिये और उन पर लादें आत्महत्या के प्रयास के मुकदमे को वापस लेना चाहिये।


