फलस्तीनी राजनीतिक कैदियों के संघर्ष को सलाम
फलस्तीनी राजनीतिक कैदियों के संघर्ष को सलाम
शमशाद इलाही शम्स
2002 से इसराइली जेल में बंद पांच उम्र कैद की सजा काट रहे फलस्तीनी नेता 57 वर्षीय मारवा बुर्गौती जिन्हें फलस्तीनी मंडेला भी कहा जाता है 17 अप्रेल से अपने करीब 1500 साथियों के साथ भूख हड़ताल पर बैठे थे. राजनीतिक बंदियों को जेल में इंसानों जैसा व्यवहार मिले, मूलभूत सुख सुविधाएँ मिले, जैसी मांगें भले ही ब्रिटिश युग की याद दिलाती हों, लेकिन इस दुनिया में आज भी ऐसी जगह हैं जहाँ इन मांगों के लिए लोग अब भी संघर्ष कर रहे हैं.
फलस्तीनी कैदियों के इस संघर्ष को पूरी दुनिया में जन पक्ष ताकतों द्वारा समर्थन मिला, आखिरकार 40 दिन बाद इस्राइली हकुमत और कैदियों के बीच एक समझौता हुआ, जिसमें प्रत्येक कैदी से उसके परिजन महीने में दो बार मिल सकते हैं. 28 मई को जब यह समझौता हुआ उस दिन तक 800 कैदी भूख हड़ताल पर मारवा बुर्गौती के साथ मुस्तैद थे.
हड़ताल के बाद मिली इस सफलता से पूरे फलस्तीन में उत्सव का माहौल था और खुशियाँ मनाई गयी. हम फलस्तीनी कैदियों के इस संघर्ष में उनके साथ हैं और उनकी आज़ादी की लडाई के अंतिम लम्हों तक साथ रहेगे फिलहाल इस ख़ुशी में हम भी शामिल हैं.
ध्यान रहे अभी 6500 फलस्तीनी राजनीतिक कैदी इसराइल की जेलों में बंद हैं.
NYC supporters rally for Palestinian prisoners as 40th day of hunger strike ends#BDS4DignityStrike #DignityStrikehttps://t.co/ZxSKd1RlEZ pic.twitter.com/zZTuwE5leR
— Joe Catron (@jncatron) May 27, 2017
We are winning the boycott battle, one conscience at a time. #GoBDSGo #BDS #BDS4DignityStrike pic.twitter.com/C2KM7J8oCf
— John F. Arty (@Johnfarty) May 27, 2017
@4noura:Ppl ask for Palestinian Gandhis. We've 1300 hunger strikers on their 40th day- theyre the 'Ghandis' in pure form #BDS4DignityStrike
— Maya (@MayaSchkolne) May 26, 2017
Solidarity with the #HungerStrike; end #apartheid; end the #occupation. #BDS4DignityStrike pic.twitter.com/LpyFfDwwVe
— PeaceEnvoy (@TrustMeTony) May 27, 2017


