रामलला के नाम पर देश को सांप्रदायिक दंगों की आग में झोंककर दिल्ली की कुर्सी पर कब्जा करने के विहिप-भाजपा के मंसूबे ध्वस्त हो गये हैं। 84 कोसी परिक्रमा को न तो हिंदुओं का समर्थन मिला और न अयोध्या के स्थानीय लोगों का।

दरअसल समझा जा रहा है कि देश का आम हिन्दू जनमानस विहिप-भाजपा के सियासी दाँव को ताड़ गया है और उसके सचेत होने के कारण ही फर्जी परिक्रमा कार्यक्रम फुस्स हो गया।

मिली जानकारी के अनुसार परिक्रमा शुरू करने के लिये अयोध्या के सरयू घाट जा रहे विहिप और भाजपा के बहुत से नेताओं को गिरफ्तार करने के बाद नजरबंद कर दिया गया। अशोक सिंघल, प्रवीण तोगड़िया समेत राज जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास भी नजरबंद कर लिये गये हैं। विहिप ने प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में कल अयोध्या समेत तमाम जिलों में धरना देने का ऐलान किया है। लेकिन स्थानीय जनता का समर्थन न मिलने के कारण यह तमाशा भी बेकार ही साबित होने की संभावना है।

अयोध्या की आवाज़ के युगल किशोर शरण शास्त्री ने बताया कि अयोध्या,विहिप के फर्जी चौरासी कोसी परिक्रमा का ड्रामा अब लगभग समाप्त हो गया है। यह पूरी तरह फ्लाप शो साबित हुआ। बाहर से कोई आ नहीं सका जबकि चैनलों पर अशोक सिंघल का बयान था कि प्रतिबन्ध के बावजूद पचास हजार परिक्रमा करने वाले पहुँचेंगे। मीडिया के लोग एक दिन पहले से डेरा जमाये हुए हैं। वे काफी निराश थे, उनका कहना था कि बाहर से लग रहा था कि अयोध्या में कुछ होने वाला है। किस चीज की फोटो ग्राफी करूँ। खैर कुछ न कुछ जुगाड़ बनाना ही पड़ेगा। मीडिया का समाचार भी काल्पनिक ही साबित हुआ। इस फर्जी परिक्रमा पर कई साधू एतराज़ जता चुके थे।

शास्त्री ने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद् के गैर परम्परागत 84 कोसी परिक्रमा को लेकर मीडिया में काफी हलचल है लेकिन अयोध्या की जमीनी हकीकत यह है की जनता में कोई सुगबुगाहट तक नहीं थी और तो और चाय आदि की दुकानों पर कोई खास चर्चा नहीं है। इधर प्रसाशन की सख्ती इतनी बढ़ गयी कि विश्व हिन्दू परिषद् और भाजपा के लोग अपना ठौर भी खोज चुके हैं जिसमें से कुछ पकडे भी गये हैं। शास्त्री बताते हैं कि धर्मकांटा के रईस भाई कहते है ‘पिछले वर्षों की घटना को देख कर कुछ महिलाएं ही भयभीत भी हैं। व्यापारी नेता नंदू गुप्ता कहते हैं कि विहिप के इस आयोजन की कोई चर्चा तक नहीं है...बल्कि गुस्सा इस बात की है विहिप ने माहौल इतना बिगाड़ दिया है कि आने वाले कजरी तीज मेला पर सामानों की बिक्री नगण्य ही रहेगी केदारनाथ के प्राकृतिक हादसे के कारण यहाँ की बिक्री पर बहुत बुरा असर पड़ा। विहिप ने हमें सांस लेने का भी मौका नहीं दिया। कुल मिलाकुर अयोध्या इस समय शांत है। यहाँ की साझी विरासत मजबूती से खड़ी है।

लखनऊ से वरिष्ठ पत्रकार संजय शर्मा ने बताया कि “एक घंटा पहले ही गृह सचिव कमल सक्सेना ने पुलिस अफसरों के साथ एनेक्सी में मीडिया के लोगों को बुला कर बताया कि अशोक सिंघल समेत 1696 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। दफ्तर पहुँचते ही देखा कि अशोक सिंघल उन्नाव जनपद के पक्षी विहार में लाइव प्रेस काँफ्रेंस कर रहे हैं, हिरासत में इसकी इजाजत किसने दी कि उन्हें देश के लोगों को भड़काने का मौका दिया जाये, यही नहीं पत्रकार के इस सवाल पर कि यह परिक्रमा मंदिर बनाने के लिये की जा रही है, सिंघल भड़कते हुये बोले कि क्या कान बंद है, लगातार इतनी बेहूदगी आखिर क्यों ? माना कि शो फ्लॉप हो गया पर इसमें पत्रकारों का क्या दोष, इतने हंगामे के बाद भी दो हजार नहीं जुटा पाई सिंघल एंड कंपनी, भाई इससे ज्यादा भीड़ तो हमारे मोहल्ले का पार्षद एक घंटे में इकठ्ठी कर लेता है, सिंघल जी अब देश की जनता आपकी दुकान को समझ गई है इसलिये झाँसे में नहीं आने वाली इसलिये पत्रकारों पर अपना गुस्सा मत उतारो”।,