शहरनामा - बरेली

बरेली सो शहर नगीनां, जाव एक दिन लगै महीना सुधीरी विद्यार्थी

पुराने शहर के लोगों में एक रस्मे-मुर्वत्त है, हमारे साथ आ जानो कभि देखा नहीं होगा।

बरेली की साहित्यिक और सांस्कृतिक तस्वीर को देखने की मेरी कोशिश अभी आधी-अधूरी है। इस शहर की अनेक छवियाँ मेरे भीतर विद्यमान हैं। इनमें कुछ चित्र मुक्ति-युद्ध के दौर के हैं जो बहुत बेचैनी भरें हैं तो कुछेक यहाँ की साहित्यिक और सांस्कृतिक दुनिया से ताल्लुक रखने वाले भी हैं जिनसे मेरा भावनात्मक जुड़ाव ही नहीं, हिस्सेदारी भी है। वर्ष 2003 में बरेली आने पर यहाँ के जिन गलियों-