बाटला हाउस फर्जी एनकाउंटर पर एसआईटी गठित करने की मांग ने पकड़ा जोर #SIT
बाटला हाउस फर्जी एनकाउंटर पर एसआईटी गठित करने की मांग ने पकड़ा जोर #SIT
सियासी नफे के लिए आतंकवाद के सवाल पर सपा-भाजपा की नूराकुश्ती जारी
बाटला हाउस फर्जी एनकाउंटर पर हो एसआईटी का गठन- मो0 शुऐब
मेहरदीन का शव न खुदवाकर दंगे के आरोपियों को बचाने में लगी है सपा सरकार
लखनऊ 31 जनवरी 2014। दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस विधायक आसिफ इकबाल की बाटला हाउस फर्जी एनकाउंटर पर एसआईटी गठित करने की मांग देश भर में जोर पकड़ने लगी है। भले ही अरविंद केजरीवाल ने इससे पल्ला झाड़ लिया हो पर उन पर भी सवालिया निशान तो लग ही गया है। इस संबंध में रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने कहा है कि आज बाटला हाउस फर्जी एनकाउंटर के सवाल पर जिस तरह से राजनैतिक पार्टियाँ बोल रही हैं वह यह साबित करता है कि उनकी पूरी कोशिश सत्य पर पर्दा डालने और जानबूझ कर आम जनता को गुमराह करने में ही ज्यादा है।
मोहम्मद शुऐब ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान सपा सरकार में कोसीकलां, फैजाबाद, अस्थान, बरेली से लेकर मुजफ्फरनगर तक जिस तरह से अल्पसंख्यक मुसलमानों का कत्लेआम किया गया और जिस तरह से सपा सरकार की इनमें भूमिका दिखी, उससे साफ है कि इस प्रदेश में हुए सारे दंगों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में एक एसआईटी का गठन किया जाय। बिना एसआईटी के गठन के प्रदेश के दंगा पीड़ित परिवारों को इंसाफ कतई मिलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा और भाजपा के बीच राजनैतिक लाभ के लिए एक नूराकुश्ती चल रही है और धार्मिक ध्रुवीकरण में ही वे अपना फायदा देख रहे हैं।
रिहाई मंच के नेता मसीउद्दीन संजरी और प्रवक्ता राजीव यादव ने कहा है कि भाजपा और सपा आतंकवाद के नाम पर कैद बेगुनाह नौजवानों को रिहा करने के नाम पर प्रदेश में राजनीति कर कम्यूनल पोलराइजेशन को मजबूत कर रहे हैं। निमेष आयोग की रिपोर्ट में बेगुनाह बताये गये नौजवानों को भाजपा जहां आतंक के आरोपियों को सपा सरकार द्वारा छोड़ने का दुष्प्रचार कर सपा को मुसलमानों के बीच हीरो बना कर पेश कर रही है तो वहीं दूसरी ओर वह गैर मुस्लिम वोटों को आतंकवाद-राष्ट्रवाद के नाम पर अपने पक्ष में ध्रुवीकृत करने की कोशिश में लगी है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि सपा सरकार ने अपने वादे के मुताबिक आतंकवाद के नाम पर कैद बेगुनाह मुस्लिम नौजवानों में से एक को भी अब तक रिहा नहीं किया है लेकिन भाजपा और सपा आपसी लाभ के लिए बेगुनाहों के सवाल पर राजनिति कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीति में भाजपा और सपा के बीच सब कुछ फिक्स हो चुका है- पहले कौन बोलेगा? कहां बोलेगा? और क्या बोलेगा। फिर जवाब कौन देगा? कहां से देगा? भाजपा और सपा की सभाएं भी फिक्स करके ही रखी जा रहीं हैं।
दोनों नेताओं ने कहा कि एनआईए जांच एजेंसी जानबूझ कर भगवा आतंकवादियों को बचा रही है। इसीलिए समझौता ब्लास्ट और अजमेर दरगाह ब्लास्ट के षड़यंत्रकर्ताओं में शामिल योगी आदित्यनाथ और इन्द्रेश कुमार, जिसका नाम जेल में बंद असीमानन्द ने भी अपने बयान में लिया है, से आज तक पूछताछ नही की। यही नहीं, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और जेल में बंद साध्वी प्रज्ञा के बीच आपसी मुलाकात की तस्वीरें अखबारों में प्रकाशित हुई थीं इसके बावजूद आज तक राजनाथ सिंह से पूछ ताछ तक नहीं की गयी। यह साबित करता है कि एनआईए भगवा आतंकवादियों को बचाने में लगा हुआ है।
आवामी काउंसिल फॉर डेमोक्रेसी एण्ड पीस के महासचिव असद हयात ने कहा है कि सपा सरकार दंगा भड़काने के आरोपियों को बचाने में लगी हुई है और दंगा पीड़ितों को इंसाफ देने के अपने वादे से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा कि दंगे के दौरान करीब चार माह पहले पचास वर्षीय मेहरदीन की लाश संदिग्ध अवस्था में फांसी पर झूलती हुई नग्न पायी गयी थी। इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के चार महीने बाद अब वह लाश खुदवाकर पोस्टमार्टम द्वारा उसकी मौत का सच जानने से सरकार लगातार पीछे हट रही है। सपा सरकार दंगा भड़काने के आरोपी और हत्यारों को बचाने के लिए ही मेहरदीन का शव कब्र से नही निकलवा रही है और इस तरह सरकार इंसाफ के कत्ल पर आमादा है।


