एडीएम कोर्ट ने लगाया डेढ़ लाख का जुर्माना, जांच रिपोर्ट में मिली थी मिलावट
लखनऊ। सहारागंज स्थित बिग बाजार में ऑलिव एक्टिव ऑयल ब्रांड का सरसों का तेल मिलावटी बिक रहा था। शुद्ध सरसों का तेल बताकर इसमें कुछ मात्रा में मिलावट की जा रही थी। मिलावट के बाद सरसों के तेल के पैकेट में महीन अक्षरों में कंपनी का नाम पता आदि लिखा गया था। जिसे साफ तरीके से पढ़ा भी नहीं जा सकता है। जांच रिपोर्ट के आधार पर एडीएम कोर्ट ने ऑलिव एक्टिव ऑयल ब्रांड के सरसो के तल के विक्रेता और कंपनी सहित तीन लोगों पर कुल डेढ़ लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
लखनऊ से प्रकाशित समाचारपत्र डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट में प्रकाशित खबर के मुताबिक लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने और खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम के कानूनों का उल्लंघन करने सहित कई आरोप कंपनी और विक्रेता पर लगे हैं। बिग बाजार से ऑलिव एक्टिव ऑयल ब्रांड सरसो के तेल का नमूना 22 मार्च वर्ष 2013 को भरा गया था। इसके इसे जांच के लिए लैब भेजा गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया था। तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें बिग बाजार स्थित फ्यूचर वैल्यू रिटेल लिमिटेड के संचालक सुरेश त्रिपाठी और फ्रेंचाइजी लेने वाले राजेंद्र कुमार गुप्ता मॉडल हाउस अमीनाबाद पर 25-25 हजार रुपए, निर्माता पैकर्स मेसर्स मोदी नेचुरल लिमिटेड विशालपुर रोड पीलीभीत पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। एफएसडीए के अधिकारियों ने बताया कि इसमें पैकेजिंग में गड़बड़ी के अलावा एडिविल वेजिटेबल ऑयल महीन शब्दों में लिखा था। एड्रेस साफ नहीं था, मैनूफैक्चर्स का नाम भी नहीं पड़ा जा सकता था। इसके अलावा पैकेजिंग में एक और गड़बड़ी थी, वेस्ट वी फोर 6 मंथ रनिंग मैटर में लिखा था, जबकि नियमों के मुताबिक यह बोल्ड होना चाहिए। पैकेजिंग एक्ट की धारा 26(2) के 5 नियमावली 2.2(6) 10 के तहत सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना गया है।

पिछले वर्ष मंगलम, गोल्डेन ब्रांड, तुलसी सहित करीब आधा दर्जन विभिन्न ब्रांड के मिलावटी सरसो का तेल पकड़ा गया था। पर्व ब्रांड कानपुर देहात में बन रहा था। इसे सील कर दिया गया था। अभी कई अन्य के खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं। जल्द ही कई बड़े आरोपियों को भी सजा होगी।

जेपी सिंह, डीओ एफएसडीए

पैकेजिंग में गड़बड़ी व शुद्ध सरसो के तेल के नाम पर मिक्स मिलावट तेल बेचने पर बिग बाजार स्थित फ्यूचर वैल्यू रिटेल लिमिटेड के संचालक सुरेश त्रिपाठी और फ्रेंचाइजी लेने वाले राजेंद्र कुमार गुप्ता मॉडल हाउस अमीनाबाद पर 25-25 हजार रुपए, निर्माता पैकर्स मेसर्स मोदी नेचुरल लिमिटेड विशालपुर रोड पीलीभीत पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

जितेंद्र प्रताप सिंह, एडीएम पूर्वी
उड़ जाते हैं सिर के बाललगातार एक से दो साल तक इसके सेवन से पेट की गंभीर बीमारियां लोगों में पैदा हो जाती हैं। इसके बाद अगर समय से कोई इलाज न करा पाया, तो कमजोरी और आंखों में जलन जैसी तमाम बीमारियां होने लगती हैं। इतना ही नहीं सिर के बाल भी उड़ने लगते हैं। ऐसे ही जहसरीले सरसो के तेल का लगातार सेवन करने की वजह से भी लोगों के सिर के बाल झड़ रहे हैं।

पॉम ऑयल को बना देते हैं सरसो का तेल
पॉम ऑयल को जहरीले येलो केमिकल से सरसो का तेल बनाने का धंधा इस समय पूरे जनपद में ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जनपदों में भी चल रहा है। खास तौर पर कानपुर, आगरा, लखनऊ, मेरठ और गाजियाबाद में येलो कलर से सरसो का तेल बनाने का धंधा और पैकेजिंग कर बाजार में खुलेआम बेचा जा रहा है। हालत यह है कि पर्व ही नहीं बल्कि बैल कोल्हू के नाम से कई ब्रांड डुप्लीकेट बैल कोल्हू का मिलावटी सरसो तेल बाजार में बेचकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। इससे पहले बाजारखाला के ऐशबाग रामनगर में जायसवाल ट्रेडिंग एंड कंपनी के कारखाने में छापा मारकर नौ लाख का मिलावटी तेल पकड़ा गया था।

पिछले कुछ समय से शहर में जहरीले येलो कलर से मिक्स कर बनाया गया मिलावटी सरसो का तेल बेचा जा रहा है। कई इलाकों से एफएसडीए ने छापे मारकर नमूने भी भरे हैं लेकिन अब तक सभी की जांच रिपोर्ट ही नहीं आ पाई है। फूड इंस्पेक्टर बताते हैं कि जहरीला केमिकल पड़ते ही पॉम ऑयल बिलकुल ओरिजनल सरसो के तेल की तरह चमकने लगता है। इसके बाद बाजार में विभिन्न ब्रांड के नाम से जहरीले केमिकल वाले पॉम ऑयल को सरसो के तेल के नाम से बेचा जाता है।

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