— पी. के. खुराणा

आदमी उमर से नहीं, विचारों से बूढ़ा होता है। जब हम नए विचार ग्रहण करना बंद करते हैं, तो हम बूढ़े हो जाते हैं। देश के समग्र विकास के लिए यह आवश्यक है कि हम अन्य व्यक्तियों के दृष्टिकोण के प्रति दिमाग खुला रखें और उनसे लाभ लेने के लिए आवश्यक माहौल तैयार करें।

युवा शक्ति की प्रशंसा इसीलिए की जाती है कि उनमें ऊर्जा तो बहुत होती है, पर पूर्वाग्रह नहीं होता और वे दूसरों के दृष्टिकोण के प्रति खुले दिमाग से सोचते हैं।

अगर देश के सभी नागरिक हर मामले में युवा वर्ग की इसी दृष्टिकोन का अनुसरण करें, तो हमारा देश 'यंगिस्तान' बन जाएगा।

'यंगिस्तान' का मतलब है खुला दिमाग, दूसरों के नजरिए के प्रति सहनशीलता, नई बातें सीखने का जज़्बा, काम से जी चुराना, तकनीक का लाभ उठाने की योग्यता, प्रगति और रोज़गार के नए और ज़्यादा अवसर, आपसी भाईचारा तथा देश और क्षेत्र का समग्र विकास!