नई दिल्ली, 05 अप्रैल। सोशलिस्ट पार्टी ने कहा है कि अमानतुल्लाह बनाम कुमार विश्वास प्रकरण के बाद एकदम साफ हो गया है कि आम आदमी पार्टी आरएसएस द्वारा पोषित व संरक्षित है। योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और आनंद कुमार को जब पार्टी से निकाला गया था, तो ये साबित हो चुका था कि AAP का लोकतांत्रिक होने का दावा महज दिखावा है। लेकिन अमानत बनाम कुमार विश्वास के मामले ने AAP के झूठ को बेपर्दा कर दिया है।

सोशलिस्ट पार्टी के महासचिव व प्रवक्ता योगेश पासवान ने एक बयान में कहा कि सोशलिस्ट पार्टी ने मुसलमानों का वोट लेकर बीजेपी को जीताने की AAP की रणनीति का पहले ही खुलासा कर दिया था। विधायक अमानतुल्लाह ने कुमार विश्वास को आरएसएस का एजेंट बताया है। जिसके बाद उन्हें एकतरफा कार्रवाई झेलनी पड़ी। जबकि सोशलिस्ट युवजन सभा ये शुरू से मानती है कि पूरी AAP के साथ अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया आरएसएस के साथ-साथ कॉर्पोरेट के भी एजेंट है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में कॉर्पोरेट पोलिटिक्स का सबसे खुल्लम खुल्ला खेल अगर खेला गया है, तो वो AAP ने ही केजरीवाल की अगुवाई में खेला है। हालांकि उम्मीद कम ही है कि इसके बावजूद भी आंखों पर पट्टी बांधे बैठे बुद्धिजीवियों का AAP मोह कुछ कम हो?

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि उन्होंने आंदोलन में लाठियां खाईं। सोशलिस्ट पार्टी ने मनीष सिसोदिया से पूछा है, कि उन्होंने कौन से आंदोलन में लाठी खाईं? क्या वो वंचित तबके का आंदोलन था? क्या वो आदिवासियों के हक़ के लिए आंदोलन था? क्या वो सामाजिक न्याय स्थापित करने और दलितों को उनका हक़ दिलाने के लिए आंदोलन था? क्या वो किसानों का आंदोलन था? और कौन सी लाठी थी जो आपने मीडिया की गोद में बैठकर कॉर्पोरेट प्रायोजित आंदोलन में खाई थी?

श्री पासवान ने कहा कि विधायक अमानतुल्लाह पर हुई कार्रवाई के बाद भी क्या AAP में आंतरिक लोकतंत्र पर बहस का कोई मतलब रह गया है। हालांकि योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और आनंद कुमार को जब पार्टी से निकाला गया था, तो ये साबित हो चुका था कि AAP का लोकतांत्रिक होने का दावा महज दिखावा है। लेकिन अमानत बनाम कुमार विश्वास के मामले ने AAP के झूठ को बेपर्दा कर दिया है।