ब्राह्मण समाज का ऐलान - यूपी के विकास के लिए सिर्फ शीला दीक्षित को समर्थन
मेरठ, 5 जनवरी। आज़ादी के आंदोलन में महात्मा गांधी, नेहरू, आचार्य कृपलानी, पटेल आदि कांग्रेसियों के पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कर्मस्थली रहे ऐतिहासिक त्यागी ब्राह्मण छात्रावास मेरठ में राष्ट्रवादी ब्राह्मण मंच ने बैठक का आयोजन कर घोषणा की कि यूपी के विकास के लिए सिर्फ शीला दीक्षित को समर्थन दिया जाएगा।
राष्ट्रवादी ब्राह्मण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिमन्यु त्यागी ने कहा कि कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के लिए गांधी परिवार की करीबी और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घोषित कर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। श्रीमती शीला दीक्षित ने दिल्ली का विकास किया और विश्व के सुन्दर शहरों में शुमार कराया। जब कांग्रेस पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए श्रीमती शीला दीक्षित को उम्मीदवार घोषित किया था तो 36 बिरादरियां उम्मीद कर रही थीं कि यूपी में भी दिल्ली की तरह महिला सम्मान, कानून व्यवस्था, विकास, आदि की सुविधा जनमानस को मिलेगी और यूपी में रोजगार बढ़ेगा व उन्नत यूपी होगी।
उन्होंने कहा कि यूपी का प्रबुद्ध समाज इसलिए ही श्रीमती शीला दीक्षित को सीएम बनते हुए देखना चाहने लगा था। जिस कांग्रेस को शीला दीक्षित के सीएम उम्मीदवार बनने से पहले यूपी चुनाव में मीडिया एजेंसीज और सर्वे एजेंसीज 15-20 विधानसभा सीट देती थी, वही मीडिया/सर्वे एजेंसीज श्रीमती शीला दीक्षित को सीएम उम्मीदवार बनाये जाने के बाद 75-80 विधानसभा सीटें जीतने का दावा करने लगी थी। आज वही मीडिया एजेंसीज गठबंधन ना करने पर कांग्रेस को 15-20 सीटें दिखा रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जनता विकास चाहती है और आदरणीय शीला दीक्षित पर उनको भरोसा हैं पर जब श्रीमती शीला दीक्षित द्वारा खुद को गठबंधन के लिए पीछे कर दिया गया तो कांग्रेस भी जनता से दूर हो गयी।
ब्राह्मण समाज ने राहुल गांधी से मांग की है कि यूपी में कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा सिर्फ शीला दीक्षित हों और अगर कांग्रेस गठबंधन करना चाहती है तो चुनाव के बाद गठबंधन की जरूरत पड़ने पर गठबंधन का चेहरा मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित बनें। अगर कांग्रेस को चुनाव से पहले गठबंधन ही करना था तो उनको श्रीमती शीला दीक्षित को यूपी में कांग्रेस का चेहरा घोषित ही नहीं करना चाहिए था। ब्राह्मण समाज देश और प्रदेश का विकास चाहता है और चुनाव पूर्व किसी भी तरह के गठबंधन पर अपना विरोध दर्ज कराता हैं।
इस मौके पर सर्वश्री पं नवीन शर्मा, श्रीकांत त्यागी, गौरव त्यागी, शैंकी त्यागी, अश्वनी शर्मा, अरुण कौशिक, तपन भारद्वाज, शशिकांत गौतम, नितिन त्यागी, रोहन त्यागी, शुभम त्यागी, विवेक कौशिक, माणिक दीक्षित, आशीष त्यागी, आशु त्यागी, संजीव शर्मा आदि ने श्रीमती शीला दीक्षित को सीएम उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ाए जाने की कांग्रेस से मांग की और गठबंधन होने की स्थिति पर श्रीमती शीला दीक्षित की जगह किसी दूसरे दल से सीएम बनाये जाने की हो रही चर्चा का विरोध किया। साथ ही आगामी 8 जनवरी को मेरठ में होने जा रही कांग्रेस की जनाक्रोश विशाल जनसभा में गुलाम नबी आज़ाद, आदरणीय शीला दीक्षित, राजबब्बर के समक्ष श्रीमती शीला दीक्षित को सीएम उम्मीदवार पर लड़ाए जाने की मांग करेंगे और गठबंधन होने पर सिर्फ श्रीमती शीला दीक्षित को ही सीएम बनाये जाने की मांग करेंगे और अगर ऐसा नहीं हुआ तो ब्राह्मण समाज अपना विरोध दर्ज करेगा।