लखनऊ, 14 सितंबर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के वरिष्ठ नेता कामरेड मदन सिंह की याद में गुरुवार को यहां गांधी भवन के पुस्तकालय हाल में स्मृति सभा आयोजित की गई। दिल का दौरा पड़ने से उनका आकस्मिक निधन छह सितंबर को हो गया था। उनकी उम्र लगभग 60 वर्ष थी। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी याद में दो मिनट का मौन रखा गया।

इस अवसर पर पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य रामजी राय ने कामरेड मदन के निधन को वाम-लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए अपूर्णनीय क्षति बताया।

राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि उन्होंने मजदूर संगठन (एक्टू) का प्रदेश में नेतृत्व करने से लेकर लखनऊ, सीतापुर आदि जिलों में भाकपा (माले) की बुनियाद रखी। ऐसे समय में, जब फासीवाद के संगठित प्रतिरोध की जरुरत है, कामरेड मदन जैसे कर्मठ नेता की अनुपस्थिति महसूस होती रहेगी।

स्मृति सभा को पार्टी की केंद्रीय समिति सदस्य कृष्णा अधिकारी, किसान महासभा के राज्य सचिव ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, ऐपवा उपाध्यक्ष ताहिरा हसन, एक्टू प्रदेश अध्यक्ष हरी सिंह, जन संस्कृति मंच के राज्य अघ्यक्ष कौशल किशोर, खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष श्रीराम चौधरी व सचिव राजेश साहनी, लखनऊ जिला प्रभारी रमेश सिंह सेंगर, पार्टी राज्य कमेटी के सदस्य अर्जुन लाल, सरोजिनी, अर्चना आदि ने संबोधित किया। संचालन राज्य स्टैन्डिंग कमेटी सदस्य अरुण कुमार ने किया। सीतापुर, लखनऊ, कानपुर, फैजाबाद, अंबेदकरनगर, बलिया, गोरखपुर आदि जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सभा में मौजूद थे।