भाजपा का 'मिशन कश्मीर’ आज से, 44 सीटें जीतने के लिए भाजपा ने लगाया जोर
भाजपा का 'मिशन कश्मीर’ आज से, 44 सीटें जीतने के लिए भाजपा ने लगाया जोर
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में राजनीतिक मोर्चे पर जबरदस्त उथल-पुथल शुरू हो गई है। 'हिन्दू मुख्यमंत्री' का एजेंडा और 44 सीटें जीतने का इरादा लेकर जम्मू कश्मीर में अगली सरकारी बनाने का सपना देखने वाली भारतीय जनता पार्टी आज से अपना 'मिशन कश्मीर’ शुरू करने जा रही है। इस 'मिशन कश्मीर’ का नेतृत्व करने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह राज्य के दौरे पर जा रहे हैं।
जम्मू कश्मीर में भाजपा को 44 का सपना पूरा करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना होगा। सिर्फ जोर ही नहीं बल्कि उन चेहरों की भी जरूरत है जो भाजपा को सत्ता के गलियारों की दहलीज तक पहुंचा सकें। सभी इस सच्चाई से वाकिफ हैं कि भाजपा जो सपना देखी रही है उसे पूरा करने की उम्मीद कहीं से नजर नहीं आती है। फिर भी वह इस कोशिश में जुटी हुई है कि अन्य राजनीतिक दलों से नेताओं को निकाल कर अपने साथ जोड़ा जाए और उसके लिए वह मोदी लहर का सहारा जरूर ले रही है।
भाजपा के कांग्रेसीकरण के तहत ही कांग्रेस के कद्दावर नेता और दो बार कठुआ-उधमपुर से सांसद रहे चुके लाल सिंह, जो इस बार लोकसभा चुनावों में टिकट न मिलने की नाराजगी जाहिर करते हुए अब भाजपा में शामिल होने वाले हैं। इसे कठुआ में एक रैली भी आयोजित की जा रही है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा के मिशन कश्मीर को कामयाब बनाने और उसको सफलता का चेहरा दिखाने का जिम्मा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने अपने हाथों में रखा है। हालांकि जम्मू कश्मीर में अगली सरकार भाजपा के नेतृत्व में बनाने का सपना देखने वाली भाजपा ने संघ परिवार का सहारा भी लिया है। यही कारण था कि केंद्र में मोदी सरकार के गठन के बाद से ही राज्य में संघ परिवार जबरदस्त सक्रियता दिखा रहा है।
बताया जाता है कि भाजपा राज्य में अधिक से अधिक वोट बटोरने का सपना पूरा करने की खातिर ही हिन्दू मुख्यमंत्री का नारा देने लगी है। हालांकि ऐसा ही नारा अब कांग्रेस के नेता और वर्तमान सरकार के मंत्री शाम लाल ने भी दिया है। जिस पर राज्य के सभी राजनीतिक दलों के लिए जबरदस्त चिंता वाली बात हो गई है क्योंकि उन सभी को लगने लगा है कि इस बार का चुनाव हिन्दू-मुस्लिम वोटों के आधार पर ही लड़ा जाएगा।
राज्य में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार अगले साल 5 जनवरी को अपने 6 साल पूरे कर रही है और चुनाव आयोग ने नवम्बर-दिसम्बर में राज्य में चुनाव करवाने की तैयारी आरंभ की है। इसी को नजर में रखते हुए हालांकि अन्य राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों के नामों की सूची पहले ही जारी कर दी है। पर भाजपा और कांग्रेस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।


