बजट पूर्व सलाहकार बैठक के तहत सामाजिक संरचना, मानव संसाधन और विकास समूहों के प्रतिनिधियों से मिलेवित्‍त मंत्री
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है 'युवाओं की ज्‍यादा संख्‍या का लाभ तभी मिलेगा जब लोग स्‍वस्‍थ, शिक्षित एवं कौशलपूर्ण होंगे'। वित्‍त मंत्री जेटली सामाजिक क्षेत्र और मानव संसाधन और विकास समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व परामर्शदात्री बैठक प्रारंभ करते हुए बोल रहे थे।
श्री जेटली ने कहा कि समाज के कमजोर एवं सीमांत वर्ग के लिए जारी योजनाओं और कार्यक्रमों के अलावा सरकार ने सामाजिक क्षेत्र के लिए विभिन्‍न कार्यक्रम संचालित किए हैं। उन्‍होंने कहा अन्य कार्यक्रमों के अलावा इनमें स्‍वच्‍छ भारत अभियान (ग्रामीण) कार्यक्रम, स्‍वच्‍छता और स्‍वास्‍थ्‍य के स्‍तर में बुनियादी सुधार लाएगा। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना और रूपे डेबिट कार्ड से वित्‍तीय समावेशन होगा और बड़े पैमाने पर खाता धारकों का वित्‍तीय सशक्‍तीकरण होगा। उन्‍होंने कहा 63 प्रतिशत आबादी 15 से 59 वर्ष के बीच की है जो भारत के लिए जनसंख्‍या के हिसाब से एक लाभ की स्थिति है। उन्‍होंने कहा कि जहां युवा जनसंख्‍या भारत के लिए एक विशेष अवसर प्रदान करती है वहीं सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती भी है। उन्‍होंने कहा यदि हमारी आबादी शिक्षित, स्‍वस्‍थ और कौशलपूर्ण होगी तभी लाभ प्राप्‍त होगा। इस संदर्भ में उन्‍होंने कहा मानव पूंजी निर्माण, खासकर सामाजिक बुनियादी ढांचे में निवेश बहुत महत्‍वपूर्ण है। श्री जेटली ने कहा कि भारत को अगले कुछ दशकों में भारत की इस युवा आबादी के लाभ उठाने की जरूरत है, इसलिए वित्‍त मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने के वास्‍ते और 'मेक इन इंडिया' पहल के लिए कौशल विकास पर ज्‍यादा जोर दिया है। उन्‍होंने कहा कि कौशल विकास पर ध्‍यान केंद्रित करते हुए केंद्रीय सरकार ने एक समर्पित कौशल विकास विभाग बनाया है। उन्‍होंने कहा कि देश के लिए चुनौती अब ऐसी योजना बनाने की है ताकि इस युवा शक्ति को घरेलू और अंतर्राष्‍ट्रीय नियोक्‍ताओं की जरूरत पूरा करने लायक बनाया जा सके।
केंद्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा कि उभरती प्रवृत्तियों से संकेत मिलता है कि भारत में विकास मंदी का दौर अब समाप्‍त हो चुका है। उन्‍होंने कहा कि मुद्रास्‍फीति में 2014-15 की दूसरी और तीसरी तिमाही में उल्‍लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वित्‍त मंत्री ने कहा कि बाहरी वातावरण भी ज्‍यादातर भारत के पक्ष में हो गया है। उन्‍होंने कहा कि ऐसे में देश की अर्थव्‍यवस्‍था को और मजबूती प्रदान करने के लिए सुधारों की जारी प्रक्रिया से वृहद आर्थिक संतुलन प्राप्‍त होगा।
बैठक में वित्‍त सचिव राजीव महर्षि, राजस्‍व सचिव शक्तिकांत दास, व्‍यय सचिव रतन पी वाटल, डब्‍ल्‍यू सी डी सचिव वी एस ओबेरॉय, स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण सचिव लव वर्मा, स्‍कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की सचिव सुश्री वृंदा सरूप, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में सचिव श्रीमती गौरीकुमार, मुख्‍य आर्थिक सलाहकार डॉ. अरविंद सुब्रमण्‍यम, सीबीडीटी अध्‍यक्ष सुश्री अनीता कपूर, सीबीईसी अध्‍यक्ष कौशल श्रीवास्‍तव के अलावा वित्‍त मंत्रालय के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी एवं अन्‍य महत्‍वपूर्ण संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।