भारत में बढ़ा डायबिटीज का खतरा

Increases the risk of diabetes in India

नई दिल्ली, 05 नवंबर। एक नए अध्ययन के मुताबिक भारत में मधुमेह (डायबिटीज) diabetes in India बहुत तेजी से बढ़ रहा है। बिगड़ता खान-पान, स्ट्रेस और शारीरिक व्यायाम में कमी इसका सबसे बड़ा कारण बनता जा रहा है। हाल में ही हुए एक शोध के मुताबिक पिछले दो दशक में बच्चों एवं युवाओं में डायबिटीज सबसे तेजी से बढ़ रहा है। दिल्ली की ही अगर बात करें तो 20 से 40 वर्षीय लोगों में लगभग 48 फीसदी से ज्यादा लोग डायबिटीज के चंगुल में हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक 422 मिलियन वयस्क मधुमेह पीड़ित हैं। प्रत्येक वर्ष 1.6 मिलियन मृत्यु मधुमेह के कारण होती हैं। 18 वर्ष से अधिक उम्र के तान लोगों में से एक आदमी का वजन सामान्य से अधिक है और 10 में एक मोटापे से पीड़ित है।

दुनिया में डायबिटीज के मामले में हम ‘यहां’ हैं

सरोज सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली में एंडोक्रिनोलॉजी में सीनियर कंसलटेंट डॉ अजय अग्रवाल ने बताया कि इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के वर्ष 2025 तक मधुमेह पीड़ितों की संख्या 69.9 मिलियन तक पहुंचने की आशंका है। भारत में जिस तेजी से मधुमेह रोगियों की तादाद बढ़ती जा रही है उसे देखते हुए अब जरूरत रोकथाम पर खास ध्यान देने की है।

समझें कैसे होती है डायबिटीज

Understand how diabetes

डॉ अजय अग्रवाल ने बताया कि हमारे शरीर में रक्त के द्वारा पोषक एवं जीवनदायक तत्व पहुंचते हैं, जिनमें से एक है शुगर ‘ग्लूकोस’। अगर रक्त में शुगर की मात्रा असामान्य रूप से बढ़ जाती है तो उसको डायबिटीज कहते हैं।

हमारे शरीर से शुगर को रक्त मे पहुंचने के दो तरीके होते हैं पहला भोजन और दूसरा यकृत liver है।

हमारे भोजन का एक बड़ा हिस्सा कार्बोहाइड्रेट से बनता है जो शुगर का संयुक्त रूप है। यह कार्बोहाइड्रेट खाना पचाने की क्रिया के दौरान शकर में परिवर्तित हो जाता है। शुगर को शरीर में प्रवेश पाने के लिए ‘इन्सुलिन’ Insulin जो हमारे पैंक्रियास ग्रंथि Pancreatic gland में बनने वाले हार्मोन के ज़रिये कोशिकाओ के भीतर प्रवेश कर पाती है। भोजन के बाद जब रक्त में ग्लूकोस की मात्रा अधिक हो जाती है तब पैंक्रियास से छूटकर इन्सुलिन रक्तप्रणाली में पहुंच जाते हैं जिसके कारण ग्लूकोस हमारी कोशिकाओं में प्रवेश कर पाता है और रक्त में ग्लूकोस की मात्रा कम हो जाती है।

जब कोशिकाओं में ग्लूकोस की जरूरत पूरी हो जाती है तो इन्सुलिन के जरिये अतिरिक्त ग्लूकोस, ग्लाइकोजन में बदल जाते हैं और जरूरत पड़ऩे पर लिवर ग्लाइकोजन को तोडक़र ग्लूकोस में परिवर्तित करता है। पैंक्रियास में इन्सुलिन ठीक से न बन पाने अथवा कोशिकाओं में ग्लूकोस के न जाने के कारण रक्त में शकर के बढऩे की मात्रा की स्थिति को डायबिटीज कहते हैं।

क्या यह ख़बर/ लेख आपको पसंद आया ? कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट भी करें और शेयर भी करें ताकि ज्यादा लोगों तक बात पहुंचे

कृपया हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें