समाजवादी पार्टी के साथ गुण्डा पार्टी का लेबल हमेशा चस्पा रहा है और विरोधी दल हमेशा उसके बाहुबली नेताओं को लेकर सपा के ऊपर फिकरे कसते रहते हैं। लेकिन लगता है समाजवादी पार्टी कुछ बदल रही है ! खासकर सोशल मीडिया पर सपा के जो कार्यकर्ता सक्रिय हैं, वे इस लेबल को न केवल उतारकर फेंक रहे हैं बल्कि अपने दल की नीतियों और उपलब्धियों को सामने रखकर अपनी पार्टी का पक्ष रखने का प्रयास कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर सपा के जो कार्यकर्ता कायदे से अपनी बात रख रहे हैं उनमें डॉ. इमरान इदरीस, योगेश यादव, अजित प्रताप सिंह, शैलेंद्र सिंह, अभिषेक यादव और असित प्रकाश यादव का नाम अव्वल है। इनमें से कोई इंजीनियर है तो कोई डॉक्टर। राजनीति इनका खानदानी पेशा भी नहीं है। आप उनसे सहमत हों या न हों लेकिन उनसे बहस करने की इच्छा आप में हो सकती है।
ठीक इसके उलट डिफरेंट विद अदर्स और राजनीति में शुचिता व संस्कृति का राग अलापने वाला तथाकथित राष्ट्रवादी भगवा कबीला, सोशल मीडिया पर जमकर गाली-गलौज कर रहा है, पत्रकारों और स्वतंत्र चिंतकों को 2014 के बाद देख लेने की धमकी दे रहा है और गली का एक थर्ड ग्रेड मवाली गुण्डा जो कर सकता है वैसा ही आचरण कर रहा है।
स्वस्थ बहस में आम पाठक की हिस्सेदारी के बढ़ावा देने के लिए हमने “आपकी बात” कॉलम प्रारंभ किया है, जहाँ आप अपनी बात रख सकते हैं भले ही हम उससे सहमत हों या न हों... इस स्तंभ के जरिए हम ऐसी प्रतिभाओं को भी उभारने का प्रयास करेंगे जिनके लिए अखबारों और अन्य समाचार माध्यमों के दरवाज़ें बंद हैं। अगर आपमें अपनी बात कायदे से रखने का सलीका है तो इस स्तंभ में अपनी बात दिल खोल कर रखें... स्वागत (संपादक-हस्तक्षेप)
असित प्रकाश यादव

जरा सोचिये फिर से सोचिये बार-बार सोचिये तब निर्णय लीजिएगा क्योंकि इस बार भूल हुई तो निश्चय ही हम अगले कई वर्षों के लिए अपने देश को ऐसी ताकतों के हाथ में सौंप देंगे जिनको कुछ भी समझाना, समझाना तो छोड़िये जनाब बात करने तक का अधिकार नहीं होगा आम आदमी के पास। सोचने का नजरिया बदले और देखे की विकास करने को भाषण में बोलने वाले लोग अच्छे हैं या उस को क्रियान्वित करने वाले लोग अच्छे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता ने जिस अपनत्व और पूर्ण विश्वास के साथ राज्य के विकास का गुरुतर दायित्व अखिलेश यादव जी को सौंपा, जन सामान्य की अपेक्षा के अनुरूप पिछले एक वर्ष में प्रदेश सरकार ने तेजी से फैसले लेने और प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम शुरू किया है। इसके लिए विभागों में योजनाओ के अनुश्रवण के साथ-साथ सीधे जनता से फीडबैक प्राप्त करने की व्यवस्था भी की गयी है। जनता से किये वायदों को पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठाये जा रहे हैं। आर्थिक कठिनाईयों के बाद राज्य सरकार ने अनेक नयी एवं महत्त्वपूर्ण योजनाओ को प्रारंभ किया है। सरकार ने विकास योजनाओ में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने का कार्य किया है ताकि प्रदेश की आर्थिक उन्नति के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव कायम करने एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाने में मदद मिल सके।

प्रदेश में कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता में वृदि के लिए किसानों को बेहतर बीज सही समय एवं सही मूल्य पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषकों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने हेतु एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब और मंडियों की स्थापना की गयी है। लखनऊ में पाँच लाख लीटर दैनिक दुग्ध क्षमता के डेरी प्लांट, कुक्कुट नीति का क्रियान्वन, समर्थन मूल्य पर गेहूँ और धन की खरीद योजना शुरू की गयी।

जनता को ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों की वेब साइटों का नवीनीकरण का कार्य प्रारंभ किया है। समस्त जिला मुख्यालयों को फोर लेन सड़को से जोड़ना का काम शुरू अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा आगरा, कुशीनगर में और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आगरा के निकट थीम पार्क और ताजगंज क्षेत्र का विकास किया है। पी पी पी के आधार पर सड़कों के निर्माण में प्रगति लायी गयी।

प्रदेश में राजकीय क्षेत्र में विद्युत उपलब्धता में बढ़ोत्तरी करने हेतु अनपरा डी (२.५०० मेगा वाट ) एवं हरदुआ गंज यूनिट -९ (२५० मेगा वाट )का विस्तार व मेजा एवं घाटमपुर में बनाये जा रहे ताप विद्युत परियोजना में प्रगति, ललितपुर आगरा में पारेषण योजना का निर्माण कराया जा रहा है।

युवा वर्ग को प्रोत्साहित करने में भी अखिलेश सरकार ने बाजी मार ली है। दसवीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को निःशुल्क टेबलेट और बारहवीं उत्तीर्ण छात्र- छात्राओं को निशुल्क लैपटॉप के साथ-साथ कन्या विद्या धन का वितरण किया जा रहा है। 35 नये पॉलिटेक्निक व बिजनौर, कन्नौज, मैनपुरी एवं अकबरपुर में इंजीनियरिंग कॉलेज और लखनऊ में आईटीआई कॉलेज के साथ-साथ इ लर्निंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

रात की बात थी, तारों ने गगन बेच दिया/ चांदनी रात में लाशों ने कफन बेच दिया/ तुम्हें हक है कि फूल चुनो या कांटे/ फिर न कहना कि बहारों ने चमन लूट लिया।

फैसला आपके हाथ और निर्णय की जिम्मेदारी भी आपकी ही होगी।