मजदूरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के लिये डी.सी. कार्यालय पर रोष-प्रदर्शन आज
मजदूरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के लिये डी.सी. कार्यालय पर रोष-प्रदर्शन आज
18 जून 2013, लुधियाना। टेक्सटाइल-हौजरी कामगार यूनियन, कारखाना मजदूर यूनियन व नौजवान भारत सभा लुधियाना में मजदूर आबादी वाले क्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों से बढ़ चुकी लूट-मार, छीना-झपटी की वारदातों की रोकथाम, मजदूरों की पुलिस में सुनवाई होने, व मजदूरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों आदि माँगों को लेकर आज (18 जून) को डी.सी. कार्यालय पर रोष-प्रदर्शन करेंगे। डी.सी. लुधियाना को एक माँग पत्र भी सौंपा जायेगा।
गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से चोरों-झपटमारों के गिरोह लुधियाना के मजदूरों-मेहनतकशों को लूट-मार, छीना-झपटी का शिकार बना रहे हैं। जालंधर बाइपास की तरफ तो इनका आतंक काफी बढ़ चुका है। आए दिन गरीब मजदूर इनका शिकार बन रहे हैं। लेकिन पुलिस-प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। मजदूरों को जिन दिनों में वेतन या एडवांस मिलता है उन दिनों में वारदातें अधिक बढ़ जाती हैं। अब तक दर्जनों मजदूर इनका शिकार बन चुके हैं। अधिकतर पीड़ित मजदूर तो पुलिस में रिपोर्ट करने से भी डरते हैं। जो पीड़ित मजदूर पुलिस को हमले की शिकायत करने जाते हैं उनकी सुनवाई नहीं होती बल्कि उन्हें डाँट-डपटकर भगा दिया जाता है। यही नहीं पुलिस वाले भी रात को काम से कमरे लौट रहे मजदूरों को डरा-धमकाकर पैसे छीन लेते हैं।
टेक्सटाइल-हौजरी कामगार यूनियन के अध्यक्ष राजविन्दर ने बताया कि लगातार हो रहीं लूट-पाट की घटनाओं और ऊपर से पुलिस में कोई सुनवाई न होने के चलते मजदूरों में काफी रोष पाया जा रहा है। मजदूरों का गुस्सा 12 जून को बहादुर के रोड पर हजारों मजदूरों के जबरदस्त स्वय:स्फूर्त रोष-प्रदर्शन के रूप में फूट पड़ा था। इसके बाद दिखावे के लिये पुलिस ने आनन-फानन में कुछ कदम उठाये। लेकिन मजदूरों की समस्याएँ हल नहीं हुयी हैं। असल में प्रशासन को मजदूरों की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा के लिये पुख्ता कदम उठाने के लिये प्रशासन पर दबाव बनाया जायेगा।
18 जून को डी.सी. कार्यालय पर प्रदर्शन करके डी.सी. लुधियाना को यह माँग-पत्र सौंपा जायेगा- (1) मजदूरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जायें। रात के समय पुलिस गशत बढ़ाई जाये। सड़कों-गलियों में रोशनी का पूरा प्रबन्ध हो। पुलिस-प्रशासन में मजदूरों की सुनवाई हो। (2) पीड़ितों को प्रशासन की ओर से मुआवजा मिले और घायलों का इलाज हो। टूटी दिहाडिय़ों और अन्य नुकसान की भरपाई हो। (3) तनखाह वाले दिन मजदूरों को दिन रहते छुट्टी की जाये। तनखाह 7 को और एडवांस 22 को देने की गरण्टी की जाये। सभी कारखाना मालिक मजदूरों के बैंक खाते खुलवाएँ और मजदूरों की सहमति से उनका वेतन/एडवांस बैंक में जमा करवाया जाये। (4) काम से घर लौट रहे मजदूरों को पुलिस वाले नाजायज परेशान करते हैं। यह तुरन्त बन्द होना चाहिए। हमारी यह जोरदार माँग है कि कारखाना मालिक बिना किसी देरी के अपने मजदूरों के पहचान पत्र, हाजिरी कार्ड, हाजिरी रजिस्टर बनाएँ व अन्य श्रम कानून लागू करें। (5) रात के समय छुट्टी करने वाले मजदूरों को घर पहुँचाने की जिम्मेवारी मालिक उठायें। मालिकों द्वारा मजदूरों को नि:शुल्क बस सेवा मुहैया करवाई जाये।
राजविन्दर ने बताया संगठनों की ओर से लुधियाना के मजदूरों के बीच में एक पर्चा भी वितरित किया गया है। उन्होंने शहर के सारे इंसाफपसंद लोगों को प्रदर्शन में बढ़-चढ़ कर भागीदारी करने की अपील की है।


