ठेका मजदूर यूनियन की हुई बैठक
अनपरा-सोनभद्र,1 जुलाई 2014, कारपोरेट हितों को पूरा करने के लिए श्रम कानूनों में संषोधन कर मजदूर अधिकरों में कटौती के मोदी सरकार के किसी भी प्रयास का सीटू समेत सभी केंद्रीय श्रम संगठनों के साथ मिल कर चौतरफा विरोध किया जायेगा।
इस आशय का राजनैतिक प्रस्ताव आज काशीमोड़ अनपरा स्थित कार्यालय में ठेका मजदूर यूनियन की बैठक में लिया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि गुजरात में मोदी ने मुख्यमंत्री रहते हुए कानून द्वारा प्रदत्त मजदूरों के सभी अधिकारों को निष्प्रभावी कर दिया और देश में सबसे कम मजदूरी देकर 12 घण्टे मजदूरों से गुजरात में काम कराया जाता है। यही मॉडल भाजपा की राजस्थान व मध्य प्रदेश सरकारें लागू कर रही हैं और अब इसे देश में लागू करने के लिए मोदी सरकार उतावली है।
बैठक में उपथित आइपीएफ के प्रदेश संगठन प्रभारी दिनकर कपूर ने कहा कि महंगाई रोक पाने में न सिर्फ विफल साबित हुई है बल्कि उसने कारपोरेट मुनाफे के लिए पेट्रोल, डीजल, रेल, चीनी की कीमतों में वृद्धि कर जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 2016 में उ0प्र0 को 24 घण्टे बिजली देने की घोषणा महज लफ्फाजी है क्योंकि प्रदेश के बिजली संकट के हल के लिए बेहद जरूरी उत्पादन निगम की परियोजनायें क्षमता के सापेक्ष आधा उत्पादन ही कर पा रही हैं और एक हजार मेगावाट की निर्माणधीन अनपरा‘डी’ जैसी महत्वपूर्ण परियोजना 3 वर्ष से ज्यादा विलम्बित है। हालत यह है कि 1550 मेगावाट क्षमता की ओबरा तापीय परियोजना की कई इकाईयां बंद पड़ी हैं जबकि इनके जीर्णोद्धार के लिए निर्गत किया गया पैसा खर्च कर दिया गया। एक तरफ जहाँ सस्ती बिजली देने वाली अपनी उत्पादन इकाईयों की यह हालत है वहीं दूसरी तरफ अम्बानी व बजाज से महंगे दर पर बिजली खरीद कर करोड़ों रू0 का चूना लगाया जा रहा है। बैठक में बिजली संकट और ठेका मजदूरों के नियमितीकरण के सवाल पर अभियान चलाने का निर्णय लिया। बैठक में यू0पी0 वर्कर्स फ्रंट के प्रदेश महामंत्री राजेश सचान, ठेका मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सुरेंद्र पाल, उपाध्यक्ष तेजधारी गुप्ता, रमेश सिंह खरवार, कंहैया लाल गुप्ता, गणेष सिंह, केदार सिंह, सलीम, संजय लहरी, रामनरेश कनौजिया, बृजराज सिंह, तुलसी, इम्तियाज, राम सुधार, बाबू लाल आदि लोगों ने अपनी बातें रखी।