मतुआ माता मारामारी में जख्मी, मदन मित्र के समर्थक आपस में भिड़े
मतुआ माता मारामारी में जख्मी, मदन मित्र के समर्थक आपस में भिड़े
रेड अलर्ट! रूपा गांगुली पर हमले के बाद दिलीप घोष ने चुनौती दी है कि तृणमूल सासंद दिल्ली तक कैसे पहुंचेंगे वे देखेंगे!
इसी बीच असम के भावी मुख्यमंत्री ने असम के बांग्लादेशियों को खदेड़ने के लिए युद्ध घोषणा कर दी है
एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास
कोलकाता (हस्तक्षेप)। भाजपा नेत्री रूपा गांगुली के पीटे जाने पर जश्न मनाना सरासर गलत है। दीदी-मोदी गठबंधन के मद्देनजर यह एक बहुत बड़े खतरे का रेड अलार्म हैड खासकर जब दीदी बार बार कार्यकर्ताओ और समर्थकों को सख्ती से आदेश जीरी कर रही हैं कि हिंसा का सिलसिला तुरंत बंद होना चाहिए तब संघ परिवार के चेहरे को जख्मी कर देने का मतलब यह है कि बंगाल में अब इतनी ज्यादा अराजकता है कि सत्तादल सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का अपने हिंसक बाहुबलि कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर कोई नियंत्रण नहीं है।
हालात इतने भयंकर हैं कि मतुआ आंदोलन की दखलदारी के लिए ठाकुरबाड़ी में अभूतपूर्व हंगामा हो गया और इस मारामारी में नब्वे साल से ज्यादा उम्र की मतुआ माता बड़ो मां जख्मी हो गयीं तो कमरहट्टी में जेल में बंद पूर्व मंत्री मदन मित्र की हार के बाद वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में तृणमूल बाहुबलि आपस में भिड़ गये।
भाजपा ने ममता बनर्जी के घर तक जुलूस निकालने की कोशिश की तो पुलिस ने रोक दिया तो वाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की जान माल बचाने के लिए राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से एक साथ वाम नेता सूर्यकांत मिश्र और प्रदेश कांगेस अध्यक्ष गुहार लगाकर आये हैं, फिरभी हमले थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
इसी बीच असम के संघी सिपाहसालार सर्बानंद सोनोवाल ने असम के बांग्लादेशियों को खदेड़ने के लिए युद्ध घोषणा कर दी है। गौरतलब है कि असम विधानसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने वाली बीजेपी के विधायकों ने रविवार को सर्बानंद सोनोवाल को विधायक दल के नेता के रूप में चुना। सर्बानंद 24 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
असम के भावी मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को कहा था कि घुसपैठ पर रोक लगाने के लिए बांग्लादेश से लगती सीमा को दो साल के अंदर सील कर दिया जाएगा। उन्होंने घुसपैठ और उसे रोकने की कोशिश के मुद्दे को अपनी सरकार की प्राथमिकता में रखा है।
बहरहाल ममता बनर्जी ने चुनाव के दौरान जो इंच-इंच बदला लेने का ऐलान किया, उसी पर अमल हो रहा है। रूपा गांगुली और भाजपा के संघी बंगाल अध्यक्ष इस बेलगाम हिंसा और अराजकता के लिए कम जिम्मेदार नहीं है क्योंकि दोनों उग्रतम हिंदुत्व का रास्ता अखितयार करके बंगाल में केसरिया सुनामी पैदा करने के चक्कर में इसी हिंसा और अराजकता को लगातार तेज करने में सत्तादल से कोई कम नहीं है। विडंबना तो यह है कि बंगाल में कमसकम सौ सीटों पर भाजपा के भारी वोट काटने से दीदी जो 45 फीसद वोट से जीत गयी कांग्रेस वाम गठबंधन के खिलाफ क्योंकि उन्हें जिताने के मकसद से गठबंधन को हराने के लिए संघ परिवार ने अपनी सारी ताकत झोंक दी और दीदी और मोदी नये सिरे से राजग में एकजुट होने की प्रक्रिया में हैं तो ऐसे वक्त में संघ परिवार के बंगाली चेहरे पर ही सत्तादल का हमला हो गया।
जाहिर है कि बजरंगियों और संघियों के लिए भी निरंकुश सत्ता उसीतरह खतरनाक है जैसे कि बाकी नागरिकों के लिए। बंगाल में जनादेश के बाद भाजपा समेत समूचे विपक्ष को तहस-नहस करने का जो माहौल बना है, वह गणतंत्र के लिए खतरा तो है ही, अलग विचारधारा अलग राजनीति करने वाले तमाम नागरिकों की जान माल की सुरक्षा के लिए भी बेहद खतरनाक है। बजरंगियों और संघियों के लिए भी।
गौरतलब है कि भाजपा बंगाल में सिर्फ तीन ही सीटें जीत सकी है लेकिन ममता बनर्जी ने जीएसटी बिल का समर्थन किया है। ममता बनर्जीने कहा कि भारतीय जनता पार्टी से उनकी पार्टी के वैचारिक मतभेद हैं, लेकिन वह मोदी सरकार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक पारित करने में सहयोग देगी।
जाहिर है कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में भाजपा बेशक कोई खास करिश्मा न कर सकी हो लेकिन वहां ममता और जया की जीत ने केंद्र में उसकी राह जरूर आसान कर दी है।
बहराहल 2011 के विधानसभा चुनाव में चार प्रतिशत के बदले दस फीसद वोट हासिल कर लेने और असम समेत पूर्वोत्तर में केसरिया सुनामी रच देने के बाद बंगाल के केसरियाकरण अभियान को तेज करने की ताकीद के कारण रूपा गांगुली पर इस हमले के बावजूद संघ परिवार हर हालत में उग्र हिंदुत्व का विकल्प चुन रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बावजूद कांग्रेस और माकपा के नेताओं ने कहा है कि राज्य में उनका गठबंधन बना रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने कहा, ‘‘हमने केवल इस चुनाव के लिए गठबंधन नहीं बनाया। आने वाले दिनों में गठबंधन बना रहेगा। हम भविष्य में भी साथ लड़ेंगे।’’ उनके साथ माकपा के प्रदेश सचिव सूर्यकांत मिश्रा मौजूद थे।
मिश्रा ने कहा, ‘‘हम जनमोर्चे के साथ बने रहेंगे। हमें तृणमूल कांग्रेस के आतंक के खिलाफ मिलकर लड़ना होगा। तृणमूल कांग्रेस बंगाल में विपक्ष के सफाए की कोशिश कर रही है और हम सब को उसके खिलाफ मिलकर लड़ना होगा।’’
माकपा नेतृत्व वाला वाम मोर्चा और कांग्रेस के नेताओं ने संयुक्त रूप से राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की जिसके बाद दोनों नेताओं ने संवाददाताओं से बात की।
दोनों दलों ने राज्य में ‘चुनाव के बाद हुई हिंसा’ को लेकर राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा।
यह पूछे जाने पर कि क्या दोनों दल ममता बनर्जी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे, चौधरी और मिश्रा ने कहा, ‘‘राज्य में जिस तरह की स्थिति है, विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमला हो रहा है, वह किसी भी तरह के समारोह में शामिल होने के अनुकूल नहीं है, हालांकि हमें अब तक किसी भी तरह का निमंत्रण नहीं मिला है। हम समारोह में शामिल ना हो पाएं। ’’
खड़गपुर से विधानसभा पहुंचने वाले बंगाल भाजपा के संघी अध्यक्ष दिलीप घोष ने यादवपुर विश्वविद्यालय के बजरंगी हमले के अपने बेहया बयान का सिलसिला जारी रखकर अब चुनौती दी है कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद नई दिल्ली कैसे पहुंचेंगे, वे देख लेंगे जबकि दूसरी तरफ भाजपा समेत समूचे विपक्ष पर सत्ता दल का सिलसिलेवार हमले जारी है।
बहरहाल सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास की तरफ मार्च करने का असफल प्रयास कियाड वे पार्टी नेता रूपा गांगुली पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के कल के हमले के विरोधस्वरूप मुख्यमंत्री आवास की तरफ जा रहे थे।
दक्षिण कोलकाता के हाजरा चौराहे पर बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद थी जहां भाजपा के नेताओं ने रैली की जिनमें बंगाल इकाई के पूर्व अध्यक्ष राहुल सिन्हा और वर्तमान अध्यक्ष दिलीप घोष मौजूद थेड इन नेताओं ने कालीघाट स्थित मुख्यमंत्री के आवास की तरफ मार्च करने का प्रयास किया।
पुलिस ने रैली को आशुतोष मुखर्जी मार्ग के पास रोक दिया जिसमें रूपा गांगुली और लॉकेट चटर्जी भी शामिल थे।
गौरतलब है कि बेलगाम हिंसा के मध्य जीत का जश्न माने में दीदी कोई कसर छोड़ नहीं रही हैं। पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का शपथ ग्रहण समारोह भी इतिहास रचने वाला होगा। राज्य में पहली बार रेड रोड पर मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह होगा। राज्य में अब तक जितने भी मुख्यमंत्री हुए सभी ने राजभवन में ही शपथ ली थी।
Sushma Majhi from Laita village, Bengal badly beaten up by TMC goons. Her only offense is that she supports CPIM. pic.twitter.com/hnauHSgR9S
— CPI (M) (@cpimspeak) May 23, 2016
#Secular India*
Dear SO-CALLED Progressive,Rational,..People- The Constitution ceases to act in West Bengal.ACT,NOW. pic.twitter.com/RniaLMxtmt
— SUNDAR DUTTA (@SUNDARmyth) May 23, 2016
#Secular India*#Brand West Bengal*RED SALUTES Martyr Comrade Fatick Ghosh*
In Goaltore,TMC killed CPIM Polling Agent pic.twitter.com/HzmDfv1cnt
— SUNDAR DUTTA (@SUNDARmyth) May 22, 2016


