मनमोहन सिंह को सब था पता-विनोद राय
मनमोहन सिंह को सब था पता-विनोद राय
नई दिल्ली। पूर्व नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) विनोद राय ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कटु आलोचना करते हुये आज कहा कि ईमानदारी केवल धन की नहीं होती बल्कि यह बौद्धिक और पेशेवरना स्तर पर भी होती है।
पूर्व कैग ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने कैग की ऑडिट रपटों में तत्कालीन प्रधानमंत्री सिंह के नाम को बाहर रखने के लिये दबाव बनाया था।
राय ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व में गठबंधन की राजनीति की भी आलोचना की और कहा कि सिंह की ज्यादा रुचि केवल सत्ता में बने रहने में थी।
उल्लेखनीय है कि राय के कार्यकाल में 2जी स्पेक्ट्रम और कोयला ब्लॉक आवंटन में हुये नुकसान के अनुमानों को लेकर तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार काफी दबाव में आ गई थी।
राय ने आउटलुक पत्रिका के सुनीत अरोरा व लोला नायर को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘ईमानदारी केवल वित्तीय मामलों में नहीं देखी जाती, यह बौद्धिक भी होती है और पेशेवराना ईमानदारी भी होती है। आपने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली है, यह महत्वपूर्ण है।’’
राय से जब पूछा गया कि पूर्व प्रधानमंत्री की सोच के बारे में उनकी धारणा क्या है, क्योंकि कई लोग उन्हें बुजुर्ग राजनेता के तौर पर सम्मान देते हैं। जवाब में राय ने कहा, ‘‘आप राष्ट्र को सरकार के अधीन और सरकार को राजनीतिक दलों के गठबंधन के अधीन नहीं रख सकते। उस समय कहा जा रहा था कि अच्छी राजनीति, अर्थव्यवस्था के लिये भी अच्छी होती है पर क्या अच्छी राजनीति का मतलब सत्ता में बने रहना होता है?’’
राय ने कहा कि तत्कालीन संप्रग सरकार ने उनका फोन टैप किया और उनका मानना है कि 2जी दूरसंचार स्पेक्ट्रम आवंटन पहले आओ पहले पाओ के आधार करने तथा कोयला खानों को बिना नीलामी के आवंटित करने के फैसले में मनमोहन सिंह की भी भागीदारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह ने कभी भी उनके पत्रों का उत्तर नहीं दिया जबकि वे ए राजा के पत्र का दिन में दो बार उत्तर दे रहे थे।
राय के आरोप पर पूर्व प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार पद से हटाए जाने से रुष्ट चल रहे पत्रकार संजय बारू का कहना है कि विनोद राय जी ने जो कहा है वह सही ही होगा, वह गलत क्यों लिखेंगे? उन्होंने कहा कि बड़ा प्रश्न यह है कि मनमोहन सिंह इस घोटाले से भिज्ञ थे अथवा नहीं, जैसा कि राय का दावा है कि मनमोहन सिंह को इसकी जानकारी थी।
पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी टीएसआर सुब्रमण्यम, ने कहा कि कानून के मुताबिक जो भी केस के संबंध में कुछ भी जानता है, उससे पूछताछ होनी चाहिए, लेकिन मनमोहन सिंह और चिदंबरम से चूछताछ क्यों नहीं हुई।
उधर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नरेश अघ्रवाल का कहना है कि कई अन्य की तरह विनोद राय भी भारतीय जनता पार्टी में जाने वाले हैं।
Law says anyone who knows anything about case are to be investigated,why wasn’t PM & Chidambaram examined? TSR Subramanian on ex-CAG claims
— ANI (@ANI_news) September 12, 2014
This waking up from deep slumber can be called an excellent marketing technique for his book: M Tewari on Vinod Rai pic.twitter.com/5K3kIKGWcs
— ANI (@ANI_news) September 12, 2014
You serve in Govt for 30-40 yrs then write a book that becomes a good retirement pension plan: Manish Tewari on Vinod Rai
— ANI (@ANI_news) September 12, 2014
Want to ask Vinod Rai why he didnt reveal all the facts back when he should have rather than 6 yrs later?: Kamal Nath pic.twitter.com/I8b0db0R3z
— ANI (@ANI_news) September 12, 2014
Let the court come to a judgement in the case (2G): Home Minister Rajnath Singh on on ex-CAG Vinod Rai pic.twitter.com/IDaFWFJOZX
— ANI (@ANI_news) September 12, 2014
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