मप्र : कांग्रेस ने उठाए सवाल, 4000 से अधिक ईवीएम मशीनें खराब होने पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज क्यों नहीं कराई ?
मप्र : कांग्रेस ने उठाए सवाल, 4000 से अधिक ईवीएम मशीनें खराब होने पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज क्यों नहीं कराई ?
मप्र : कांग्रेस ने उठाए सवाल, 4000 से अधिक ईवीएम मशीनें खराब होने पर भाजपा ने आपत्ति दर्ज क्यों नहीं कराई ?
मप्र में चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी पर भाजपा की चुप्पी मिलीभगत का प्रमाण : कांग्रेस
MP Congress questions BJP on EVM
भोपाल, 5 दिसंबर। कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तरफ से किए गए हमले का कांग्रेस ने अपने तरह से जवाब दिया है और कहा है कि चुनाव के दौरान हुई गड़बड़ी पर भाजपा की चुप्पी मिलीभगत को साबित करती है।
नेता प्रतिपक्ष अजय सिह ने यहां जारी एक बयाान में कहा,
"मुख्यमंत्री शिवराज सिह चौहान ने चुनाव आयोग और कांग्रेस पर तो आरोप लगा दिए, लेकिन मतदान के दौरान और मतदान के बाद जो ईवीएम मशीनों में गड़बड़ियां हुईं, उसका कोई जबाब नहीं दिया। अगर लोकतंत्र और चुनाव की निष्पक्षता की इतनी चिता है, तो भाजपा ने 48 घंटे तक ईवीएम मशीनें जमा न होने, 4000 से अधिक ईवीएम मशीनें मतदान के दौरान खराब होने पर आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई। क्या एक प्रमुख राजनीतिक दल होने के नाते उसकी यह जवाबदारी नहीं है कि वह इस बदइंतजामी और चुनाव की निष्पक्षता पर उठने वाले सवालों पर चुनाव अयोग से कहती।"
सिह ने कहा,
"सरकार में रहने की जवाबदारी की बड़ी बातें की, मंत्रिमंडल की अनावश्यक बैठक की, लेकिन जनादेश की सबसे बड़ी प्रक्रिया के दौरान हो रही गड़बड़ी पर मुख्यमंत्री सहित पूरी भाजपा का मौन क्या उनकी मिलीभगत साबित नहीं करता।"
नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया,
"मुख्यमंत्री जवाब दें कि क्या सतना में स्ट्रांग रूम में दो लोगों को बड़े बक्से ले जाते हुए पीछे से घुसते नहीं पकड़ा गया। शहडोल जिले में चार दिन बाद ईवीएम मशीन जमा नहीं हुई। अनूपपुर जिले के एक मतदान केंद्र पर 56 वोटों का अंतर क्यों पाया गया? सागर और खरगोन जिले में ईवीएम मशीनें मतदान खत्म होने के 48 घंटे बाद क्यों पहुंची? वह भी बिना नंबर की गाड़ी में। भोपाल के स्ट्रांग रूम की एलईडी करीब डेढ़ घंटे तक क्यों बंद रही। कलेक्टर कह रहे हैं लाइट में फाल्ट था, जबकि बिजली विभाग के अधिकारी कह रहे थे कि कोई फाल्ट नहीं था। इसके सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। प्रदेश के कई हिस्सों में स्ट्रांग रूम के तालों पर सील क्यों नहीं लगी? मतदान के पूर्व शुजालपुर क्षेत्र में चुनावी ड्यूटी पर लगे अधिकारी-कर्मचारी ईवीएम को लेकर एक निजी होटल में क्यों ठहरे रहे। मुख्यमंत्री क्या इन घटनाओं को भी अनर्गल प्रलाप मानते हैं?"
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