महागठबंधन भाजपा और राजग का विकल्प नहीं बन सकता - सुधाकर रेड्डी
महागठबंधन भाजपा और राजग का विकल्प नहीं बन सकता - सुधाकर रेड्डी
वामपंथ सम्प्रदायवाद और जातिवाद के खिलाफ लगातार लड़ता रहा है
हम भूमि सुधार के बारे में डी॰ बंद्योपाध्याय आयोग की रिपोर्ट को लागू करना चाहते हैं
पटना। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एस॰ सुधाकर रेड्डी ने कहा है कि महागठबंधन भाजपा और राजग का विकल्प नहीं बन सकता, बिहार की जनता की सुरक्षा, कल्याण और बेहतरी के पक्ष में केवल कम्युनिस्ट खड़े रहते हैं।
श्री रेड्डी आज यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य वामपंथी दल मिलकर राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक मुद्दों पर वैकल्पिक नीतियों के साथ विधान सभा चुनाव लड़ रहे हैं। हम भूमि सुधार के बारे में डी॰ बंद्योपाध्याय आयोग की रिपोर्ट को लागू करना चाहते हैं। वामपंथ सम्प्रदायवाद और जातिवाद के खिलाफ लगातार लड़ता रहा है। उन्होंने कहा हम बिहार के मतदाताओं से वामपंथी दलों के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट करने का आग्रह कर रहे है, जो नीतियों में सार्थक बदलाव ला कर किसानों, खेतिहरों, मजदूरों महिलाओं, युवाओं और छात्रों के जीवन बदलना चाहते हैं।
श्री रेड्डी ने कहा, “भा॰ज॰पा॰ और नरेन्द्र मोदी की सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में बुरी तरह नाकाम रहे हैं। उन्होंने काले धन को निकालने का वादा किया था। आज के दिन तक वे जरा भी काला धन नहीं निकाल सके हैं और न इस संबंध में किसी को गिरफ्तार ही कर सके हैं। अपनी मर्जी से काले धन की घोषणा करने की बात टांय-टांय फिस हो गयी है। इसके बदले वे निगमों के अनुकूल नीति हर क्षेत्र में बना रहे हैं। वे सन् 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के संशोधित करने पर अड़े हुए हैं, ताकि जमीन बड़े व्यापारिक घरानों को तथा कथित सार्वजनिक काम के लिए नाम मात्र का शुल्क लेकर बिना किसी मुआवजे के दे सकें। देश भर से जोरदार विरोध होने के कारण इस किसान-विरोधी कदम को रोक दिया गया है।“
कम्युनिस्ट नेता ने कहा, “वे श्रम-कानूनों को इस तरह संशोधित कर रहे हैं कि कारखाना मालिक काम लो और भगाओं की नीति को मुक्त रूप से अमल में ला सकें। श्रमिकों को ट्रेड यूनियन के बुनियादी हक से वंचित करना चाहते हैं।“
कॉमरेड रेड्डी ने कहा कि राजग शासन के अधीन मांसाहार करने वाले को जानवरों की तरह खदेड़ा जा रहा है। वे साम्प्रदायिक और जातिवादी भावनाओं को भड़का रहे हैं, ताकि जनता के एक हिस्से को दूसरे से लड़ा कर उसका ध्यान असली सवाल से बरगलाया जा सके। अभी वे बिहार में विकास के नाम पर वोट मांग रहे हैं। भाजपा ने अपने दृष्टि दस्तावेज Vision Document में जनता के लिए भेंट की वर्षा कर दी है - हर दलित और महादलित परिवार को रंगीन टेलीविजन सेट, पचास हजार प्रतिभाशाली छात्रों को लैपटॉप और पाँच हजार प्रतिभा शाली छात्राओं को स्कूटी देने का वादा है। हर भूमिहीन आदमी को पाँच डिसमिल जमीन ओर हर गरीब परिवार को धोती और साड़ी देंगे।
न भाजपा और न राजग सरकार ने जरूरत की हर वस्तु की बढ़ती कीमतों पर ध्यान दिया है।
भाकपा नेता ने कहा कि महागठबंधन बिहार में भाजपा और राजग के विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, लेकिन हमारी पार्टी यह अनुभव करती है कि बिहार की जनता महागठबंधन और उसके अंगीभूत दलों से ऊब चुकी है। इसके अंगीभूत दलों के सुशासन और भ्रष्टाचार के चलते ही केन्द्र में भाजपा और राजग की सरकार बन गयी है। नीतीश कुमार की सरकार भूमि-सुधार नहीं कर सकी है। इसलिए महागठबंधन भाजपा और राजग का विकल्प नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कोबरापोस्ट ने यह भेद खोल दिया है कि दलितों के संहार में रणवीर सेना का हाथ रहा है, लेकिन वे कानून के शिकंजे से बच निकले। दोनों ही मोर्चे रणवीर सेना और ऐसे अन्य तत्वों के बारे में चुप क्यों हैं।
श्री रेड्डी ने कहा, “भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य वामपंथी के पास दबे-कुचले तत्वों और खेत मजदूरों के लिए लड़ने का गौरवपूर्ण इतिहास है। वे जमीदारों और खानगी सेनाओं के हमलों का मुकाबला करते रहें हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के ढेर सारे साथियों और नेताओं ने गरीबों के हित के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया है।“


