माओवादियों से बातचीत ही एकमात्र रास्ता है
माओवादियों से बातचीत ही एकमात्र रास्ता है
स्वामी अग्निवेश से आलोक प्रकाश पुत्र की बातचीत
मौवाडीयां और भारत सरकार के बीच बातचीत की कोशिश कर रहे सुप्रीसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और बंधुआ मुक्ति मोर्चा के संयोजक स्वामी अग्निवेश का मानना है कि भारत सरकार और मौवाडीदी मज़बूरी में शांति वार्ता कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोनों के सामने इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। मौवाडीदी प्रवक्ता आज़ाद की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की घटना को लेकर सरकार को कड़ी घेरने वाले स्वामी अग्निवेश का कहना है कि इस घेरने ने शांति वार्ता को गंभीरता को घर का झटका पहुँचाया है। यहाँ पेश है उनसे हाल ही में की गई बातचीत।
• नक्सलियों के साथ बातचीत की कोशिशें पहले भी हुई हैं। आंध्र में कई-कई दौर की बातचीत हुई लेकिन उसका कोई सकारण परिनाम नहीं निकला। अब जबकि सरकार और नक्सलियों के बीच संगर्ष अपने चरम पर है तब ऐसे समय में नए सिर से नक्सलियों से बातचीत का औचित्य क्या है?
नए सिर से तो मैं कैसे कहूँ, क्योंकि इससे पहले कभी भी केंद्र सरकार ने किसी को इस तरह की बातचीत के लिए अधिकृत नहीं किया। 11 मई को चिदंबरम जी ने पहली बार मुझे चिट्ठी लिखी। चिदंबरम जी का अपना दावा है कि भारत के किसी गृहमंत्री ने इससे पहले किसी को बातचीत के लिए अधिकृत किया हो, ऐसा कभी नहीं हुआ। पहले भी आंध्रप्रदेश में बातचीत हुई थी और वह खत्म भी हो गई, एक से नहीं चली। ये जो केंद्र के स्तर पर...


