मुठभेड़ों के नाम पर हर रोज चार से अधिक दलित, पिछड़े और मुस्लिम को मार रही योगी की पुलिस
मुठभेड़ों के नाम पर हर रोज चार से अधिक दलित, पिछड़े और मुस्लिम को मार रही योगी की पुलिस
लखनऊ। जातीय-सांप्रदायिक हिंसा, फर्जी मुठभेड़, मुकदमा वापसी, आतंकवाद के नाम निर्दोषों की गिरफ्तारी, माब लिंचिंग, इंसाफ के लिए संघर्षरत लोगों के ऊपर भाजपा सरकार के दमन के खिलाफ रिहाई मंच आगामी 7 अप्रैल को लखनऊ में समेम्लन करेगा। इस संबंध में रिहाई मंच अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने एक अपील जारी की है, जिसका मूल पाठ निम्नवत् है।
7 अप्रैल 2018, शनिवार, शाम 2:30 से यूपी प्रेस क्लब लखनऊ
दोस्तों,
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कानून व्यवस्था के लिए खुद संकट खड़े करने वाले योगी की सरकार में कानून व्यवस्था के नाम पर वंचित समाज के लोगों को फर्जी मुठभेड़ में मारा जा रहा है तो वहीं भाजपा शासित राज्यों में सबसे अधिक यूपी में सांप्रदायिक घटनाएं हुईं हैं। योगी अपनी सरकार में सांप्रदायिक हिंसा को नकार रहें हैं जबकि केन्द्रिय गृह मंत्रालय कह रहा है कि साठ सांप्रदायिक घटनाओं में 16 लोगों की मौत और 151 लोग घायल हुए हैं। खुलेआम ‘ठोकने’ की बात कहते हुए योगी सरकार में 1200 से अधिक मुठभेड़ में 49 लोग मारे गए वहीं 370 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मानवाधिकार आयोग 9-9 बार नोटिस कर चुका है पर यूपी सरकार नोटिस का जवाब तो दूर मुठभेड़ों के नाम पर 4 से अधिक लोगों को हर रोज निशाना बना रही है जिसमें दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज से सबसे अधिक हैं। यूपी में हर रोज 1 व्यक्ति की हिरासत में मौत होने के भी आकड़े हैं। 2017 के चुनावों से लेकर अब तक सिर्फ आईएस के नाम पर 11 की कानपुर, 2 बिजनौर, 1-1 उन्नाव और आजमगढ़ से गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं देवबंद को बदनाम करने और रोहंगिया मुसलमानों और बांग्लादेशी के नाम पर पश्चिम यूपी से गिरफ्तारियां की गई हैं। पिछली अंबेडकर जयंती पर सहारनपुर के शब्बीरपुर में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर जो विवाद शुरु हुआ उसमें जहां 5 मई को शब्बीरपुर में दलित समाज के साथ हिंसा हुई वहीं भीम आर्मी का दमन करते हुए उनके नेता चन्द्रशेखर को रासुका के तहत निरुद्ध कर दिया गया है। बलिया के रसड़ा में योगी के करीबी महंत कौशलेन्द्रनाथ गिरि के सरपरस्ती गाय के नाम पर दलित युवकों को गाय चोर की तख्ती बांधकर सिर मुडवाकर पीटते हुए घुमाया गया वहीं जजौली में दलित महिला को जिन्दा जला दिया गया। गौतम बुद्ध नगर के जेवर के जबर सिंह और भूप सिंह को गाय के नाम पर इतना पीटा गया की उनकी पसलियां टूट गईं। एक तरफ योगी सरकार बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के नाम के साथ छेड़छाड़ कर रही है, उनके मंत्री सुरेश खन्ना इसे शुध्दिकरण करार दे रहे हैं तो दूसरी तरफ इलाहाबाद के झूंसी, आजमगढ़ के कप्तानगंज, सिद्धार्थनगर के गोहनिया, और मेरठ समेत पूरे सूबे में अम्बेडकर प्रतिमाओं को तोड़कर दलित समाज को आतंकित करने का काम बदस्तूर जारी है। भाजपा सरकार के शह पर एससी-एसटी एक्ट को कमजोर किया जा रहा है. उच्च शिक्षा में दलितों – पिछड़ों के आरक्षण को खत्म किया जा रहा है.
मुजफ्फरनगर में बौद्ध धर्म स्वीकारने के कारण दलित युवा बिपिन को न सिर्फ अधमरा किया गया बल्कि जय श्रीराम, जय माता दी का नारा लगावाकर वीडियो वायरल की गई। मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक हिंसा के दोषियों पर से जहां एक तरफ मुकदमा हटाने की तैयारी चल रही है वहीं खतौली में गोवध के नाम महिलाओं, नाबालिग बच्चियों और दूध पीते बच्चे तक को जेल में डाल दिया गया। वहीं कानपुर और बाराबंकी के महादेवा में सांप्रदायिक घटनाओं के नाम पर मुस्लिमों पर रासुका लगाया गया है। जबकि बलिया के रतसर से लेकर सिंकन्दरपुर में भाजपा के विधायक संजय यादव जैसे लोग प्रशासन की मौजूदगी में मुस्लिमों पर हमले और दुकानों में लूटपाट और आगजनी करवा रहे हैं। इसकी तस्दीक खुद सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर यह कहकर कर चुकें हैं कि उनके समाज के लोगों का इस्तेमाल किया जा रहा है। योगी सरकार में शाहजहांपुर में नवी अहमद तो वहीं बुलंदशहर में गुलाम मोहम्मद की भीड़ द्वारा हत्या की गई जिसमें हिंदु युवा वाहिनी के नाम से मुकदमा तक दर्ज किया गया है।
यूपी की भयावह तस्वीर का यह एक छोटा सा नमूना भर है। आगामी 7 अप्रैल 2018 को इन सवालों पर संघर्षरत लोग यूपी प्रेस क्लब लखनऊ में शाम 2:30 से होने वाले कार्यक्रम में अपनी बात रखेंगे। योगी आदित्यनाथ के सांप्रदायिक भाषणों के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में लंबे समय से मुकदमा लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता फरमान अहमद नकवी मुख्य वक्ता होंगे। सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता असद हयात, आतंकवाद के विभिन्न मुकदमों को लड़ रहे एडवोकेट अबू बकर व हाल में बिहार में हुई सांप्रदायिक घटनाओं पर ‘भागलपुर राष्ट्रीय शर्म के पच्चीस साल’ के लेखक वर्धा विश्वविद्यालय के अस्टिेंट प्रोफेसर शरद जायसवाल, पिछले दिनों गोरखपुर में योगी के गुण्डों के हमले का शिकार हुए अम्बेडकरवादी छात्र सभा के अमर पासवान बात रखेंगे। कार्यक्रम में फर्जी मुठभेड़ के शिकार और आतंकवाद के नाम पर पकड़े गए लोगों के परिजन और उनके लिए संघर्ष कर रहे स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहेंगे।
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आपसे गुजारिश है कि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए आप वक्त निकालें।
द्वारा-
मुहम्मद शुऐब
अध्यक्ष, रिहाई मंच


