मुलायम की मौजूदगी में शिवपाल का मोदी पर हमला, आपका सीना होगा 56 का पर दम नहीं, आपके रहते देश पर क़र्ज़ा और क़ब्ज़ा दोनों बढ़ा

शिवपाल की रैली में मुलायम सिंह की मौजूदगी रही चर्चा का विषय

जनता के आत्मसम्मान की लडाई लड़ते रहेंगे : शिवपाल सिंह यादव

राज्य मुख्यालय लखनऊ। सपा कंपनी से नाराज़ होकर अपना झण्डा अपना डन्डा बनाकर भतीजे टीपू (अखिलेश यादव) को चुनौती दे रहे पूर्व काबीना मंत्री व सपा के मार्गदर्शक मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव ने रमाबाई मैदान में जनाआक्रोश रैली में हर विषय पर चर्चा की।

उन्होंने अपनी पार्टी का गठन क्यों किया, उनकी पार्टी का क्या काम होगा और क्या नहीं, आदि-आदि पर शिवपाल ने अपनी लाइन साफ की। मोदी की भाजपा भी उनके निशाने पर रही, साथ ही उन्होंने अपना एजेंडा भी जनता के सामने रखा।

इस रैली में लगभग दो लाख लोगों ने भाग लिया, इसलिये कहा जा सकता है कि शिवपाल सिंह यादव कामयाब रहे हैं।

इस रैली की सबसे बड़ी कामयाबी मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी थी। लोग इसी पर चर्चा करते रहे कि नेताजी भी मौजूद हैं, फ़िरोज़ाबाद में भी मौजूद थे और यहाँ भी। मुलायम क्या संदेश देना चाहते हैं, अब तक लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं।

अब बात करते हैं शिवपाल सिंह यादव की कि उन्होंने क्या कहा…

शिवपाल सिंह ने कहा कि यह रैली इस देश से भाजपा को हटाने के लिए बुलाई है। रैली में किसान, मजदूर, मुसलमान से लेकर युवा दलित सब मौजूद हैं। यह पहला मौका है जब रमाबाई मैदान में दलित पिछड़े गरीब किसान सब इकट्ठा हुए हैं। यहां से संदेश जाना है। यहीं से परिवर्तन होना है। रैली का नाम जन आक्रोश रैली इस लिए रखा था कि देश और प्रदेश में जब भाजपा की सरकार बनी है, सब दुखी हैं। देश विषम परिस्थितियों से गुज़र रहा है। देश पर संकट है। भाजपा की सरकार जब-जब आई है इन्होंने ने भाई को भाई से लड़ाने का काम किया, देश को कमज़ोर करने का काम किया। देश क़ब्ज़ा और क़र्ज़ा मुक्त होना चाहिए। देश पर बड़ा क़र्ज़ा है। एक हज़ार छियासी वर्ग मील पर पाकिस्तान का क़ब्ज़ा है। चीन ने भी सीमा पर क़ब्ज़ा कर रखा है।

शिवपाल ने कहा देश पर क़र्ज़ा और क़ब्ज़ा बढ़ रहा है। आपका सीना 56 इंच का होगा, लेकिन दम नहीं है। आपके रहते क़र्ज़ा और क़ब्ज़ा दोनों बढ़ा है। एक के बदले दस सर लाने का वादा किया था क्या हुआ उसका कोई जवाब नहीं है। रोज़ सीमा पर जवान शहीद हो रहे हैं। भ्रष्टाचार कितना खत्म हुआ है, ज़िलाधिकारियों के यहां भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। विदेश से कालाधन लाने का वादा किया था हर किसी को 15 लाख देने का वादा किया था, लेकिन क्या हुआ पाकिस्तान और चीन लगातार क़ब्ज़ा कर रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारे साथ छोटे-छोटे 44 दल हैं। हमारे साथ नेताजी हैं 40 साल उनके साथ काम किया है, वो आपको संबोधित करेंगे।

ये फैसला क्यों किया

शिवपाल ने कहा हम हमेशा नेताजी के साथ और समाजवादी पार्टी के साथ रहना चाहते थे। मैंने कभी कोई पद नहीं मांगा। सीएम या मंत्री का पद भी नही माँगा। नेताजी का आदेश हमेशा माना। अपने परिवार में भी छोटे और बड़े का आदेश माना है। हमने केवल सम्मान मांगा था, इस के अलावा कुछ नही मांगा था। हमने भी प्रयास किया, आपने भी प्रयास किया। कुछ चुगलखोरों की वजह से जिनके पास कोई जनाधार नहीं था, उनके कहने पर यह सब हुआ। हमने आप की इजाज़त से पार्टी बनाई। भगवती सिंह, राम नरेश, राम सेवक यादव बैठे हैं। सबके सामने आपने इजाज़त दी थी। एक दिन बाद फिर पूछा तब पार्टी बनाई है।

किसान और गरीब परेशान हैं। उत्पीडन हो रहा हैं, लड़कियां जो स्कूल जाती हैं, वो भी खतरे में हैं। हर कोई तनाव में है। छोटा बड़ा व्यापारी हर कोई तनाव में है, हर कोई परेशान हैं। 1990 अक्टूबर में जब आप सीएम थे, आपने बाबरी मस्जिद बचाई थी, देश मे दंगों को होने से रोका था। 1992 में क्या हुआ, बाबरी मस्जिद शहीद की गई बावजूद इसके की सरकार ने एफिडेविड लगाया था। आज नेता लोग मुसलमानों का नाम लेने में घबराने लगे हैं। हम 25 नवम्बर को सड़कों पर निकल पड़े थे कि अयोध्या में दंगें नहीं होने देंगे। धारा 144 का उल्लंघन होता है, तो राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। संविधान की रक्षा के लिए हमारी पार्टी सड़कों पर उतरी। ईवीएम से बेमानी हो सकती है बैलेट पेपर से वोटिंग होनी चाहिए।

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