मुसलमानों को सियासत में हाशिए पर रखना चाहती है सपा : शम्स तबरेज़
मुसलमानों को सियासत में हाशिए पर रखना चाहती है सपा : शम्स तबरेज़
मुसलमानों को सियासत में हाशिए पर रखना चाहती है सपा : शम्स तबरेज़
जब से बुआ-बबुआ के गठजोड़ की अफवाहें उड़ी हैं, सपा मुसलमानों को और हाशिए पर धकेल रही
प्रतापगढ़, 27 सितंबर। समाजवादी पार्टी द्वारा जनपद प्रतापगढ़ के विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति में एक भी मुस्लिम चेहरे को अध्यक्ष न बनाये जाने पर मुस्लिम समाज में ज़बरदस्त ग़ुस्सा है।
पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल द्वारा जनपद की 7 विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति की गयी, जिसमें 6 यादव और 1 पटेल को अध्यक्ष बनाया गया, जिससे मुस्लिम समाज अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।
अवध विकास मंच उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष शम्स तबरेज़ ने कहा कि जब से सपा व बसपा गठबंधन की बातें शुरू हुई हैं तब से निरंतर सपा मुस्लिम समाज को सियासी हाशिए पर डालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सपा नेतृत्व ने इसका संज्ञान लेते हुए समाज को उचित प्रतिनिधित्व संगठन में नहीं दिया तो आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में साइकिल का एक पहिया पंचर नज़र आएगा।
श्री तबरेज़ ने आगे कहा कि बड़ा ताज्जुब हो रहा है कि जो पार्टियां जस्टिस सच्चर कमीशन / रंगनाथ मिश्रा कमीशन की सिफारिशों को लागू करने व अपने घोषणा पत्रों में छापती थीं वह आज अपने संगठन में मुस्लिम समाज को प्रतिनिधित्व देने में डर रही हैं, जिससे यह साबित होता है कि समाजवादी पार्टी देश व प्रदेश को साम्प्रदायिक राजनीति की तरफ ले जाना चाहती है।
उन्होंने कहा कि सपा की जंतर-मंतर की रैली में भी कोई मुसलमान नेता मंच पर नहीं था, यहां तक कि हाल ही में अल्पसंख्यक सभा के अध्यक्ष बनाए गए मौलाना यासीन उस्मानी को भी मंच पर नहीं बैठाया गया, जबकि एक दिन पहले ही वे दिल्ली में एक अन्य कार्यक्रम में नज़र आए थे।
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