मोदी को गिरफ्तार करे सीबीआई !
मोदी को गिरफ्तार करे सीबीआई !
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सारदा घोटाले के सिलसिले में राज्य के परिवहन मंत्री मदन मित्रा को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार करने पर शनिवार को भाजपा और केन्द्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि क्या हमें यह मांग करनी चाहिए कि सीबीआई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गिरफ्तार करे। सोमवार से संसद में तृणमूल कांग्रेस के सांसद मित्रा की गिरफ्तारी का विरोध करेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ममता ने कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की एक रैली में कहा, ‘सीबीआई ने अपनी पूरी साख गंवा दी है। यह हिज मास्टर्स वॉइस (अपने स्वामी के सुर में बोलने वाला) बन गई है। अब इसे बंद करने का समय आ गया है। तृणमूल के सांसद सोमवार से संसद में भाजपा बदले की कार्रवाई का विरोध करेंगे।’
उन्होंने भाजपा व केन्द्र सरकार को चुनौती भरे स्वर में कहा, ‘अपनी सीमा में रहिये अन्यथा परिणाम भुगतिये।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘बांग्ला मानुष अपमान सहन नहीं करेगा। भाजपा की ओर इशारा करते हुए ममता ने कहा कि सत्ता में होने के कारण उनमें अहंकार आ गया है।’ अपने पुराने तेवर दिखाते हुए ममता ने अपने मंत्रिमंडल के कई सहयोगियों सहित हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं और खिलाड़ियों के साथ सड़क पर उतरते हुए इस गिरफ्तारी के विरोध में मार्च निकाला।
तृणमूल प्रमुख ने कहा, ‘मैं यहां मुख्यमंत्री के रूप में नहीं बल्कि एक आम नागरिक के रूप में आई हूं। मुझे नहीं लगता कि मदन कोई चोर या डकैत है। उनके परिवार की माली हालत ऐसी नहीं है कि उन्हें अपना परिवार को चलाने के लिए यह धन (सारदा पोंजी समूह से) लेना पड़ा हो।’
ममता ने मित्रा की एक फोटो जिसमें उन्हें एक कर्मचारी संघ के कार्यक्रम में मंच पर सारदा समूह के अध्यक्ष सुदीप्त सेन के साथ बैठे हुए दिखाया गया है, का भी परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि इस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मित्रा रह चुके हैं और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने कहा, ‘यदि चित्र किसी आपराधिक साजिश का साक्ष्य है तो प्रधानमंत्री को सहारा घोटाले के लिए गिरफ्तार किया जाना चाहिए।’ ममता ने कहा, ‘चिटफंड मालिकों के साथ कई सीपीएम नेताओं की फोटो हैं। प्रधानमंत्री की सहारा प्रमुख के साथ फोटो है। क्या हमें यह मांग करनी चाहिए कि सीबीआई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गिरफ्तार करे।’
ममता ने आरोप लगाया कि परिवहन मंत्री को सीबीआई कार्यालय में एक गवाह के रूप में बुलाया गया और कुछ घंटे बाद दिल्ली से एक फोन कॉल आने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मदन की गिरफ्तारी के बाद उनका पुत्र उनसे मिला था। मदन ने उसे बताया कि सीबीआई अधिकारी उससे बातचीत कर रहे थे और यह पूछ रहे थे कि उन्होंने किस स्कूल से पढ़ाई की थी। इसी बीच दिल्ली से एक फोन कॉल आया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मदन को एक गवाह के तौर पर बुलाया गया था। यदि किसी को गवाह के रूप में बुलाया जाता है और उसकी गिरफ्तारी हो जाती है तो कोई भी गवाह के रूप में बयान देने नहीं जाएगा।’ तृणमूल प्रमुख ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा के साथ राजनीतिक रूप से लड़ने को कहा। उन्होंने कहा, ‘वे (भाजपा) राज्य में दंगा कराने की चेष्टा कर रहे हैं। हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे। यदि हम (राज्य सरकार) उन्हें गिरफ्तार करना शुरू कर दें तो क्या हो।’
उन्होंने कहा कि वह गिरफ्तारी के चलते मित्रा को बर्खास्त नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि इस बीच मित्रा के विभागों को वह स्वयं देखेंगी।


