मोदी समर्थक उन्मादी तत्वों के लोकतंत्र विरोधी आचरण का मजबूती के साथ विरोध हो- तिवारी
मोदी समर्थक उन्मादी तत्वों के लोकतंत्र विरोधी आचरण का मजबूती के साथ विरोध हो- तिवारी
नई दिल्ली। समाजवादी नेता और राज्यसभा सदस्य शिवानंद तिवारी का कहना है कि बिहार भाजपा के नेता गिरिराज सिंह का बयान आने वाले दिनों का संकेत दे रहा है।
एक बयान में श्री तिवारी ने कहा कि उनका (गिरिराज सिंह) का कहना है कि नरेन्द्र मोदी का विरोध करने वाले पाकिस्तानी हैं। उन्हें इस देश में रहने का हक नहीं है। यानी अब इस देश में वही रह पायेंगे जिनकी नरेंद्र मोदी में गिरिराज की तरह भक्ति होगी। यह कोई अकेली बात नहीं है। मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि देश में लहर मोदी की नहीं, भाजपा की है। उनको भी इसका नतीजा भुगतना पड़ा। कानपुर में उनके सामने हर-हर मोदी का नारा लगा कर उन्हें असलियत का बोध करा दिया गया ।
समाजवादी नेता ने कहा कि खबर है कि गुजरात में आप पार्टी के नेता और महात्मा गांधी के पोते राजमोहन गांधी की गाड़ी पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोड़ेबाजी की। उनके साथ की एक गाड़ी का शीशा टूट गया। राजमोहन जी आप पार्टी के चुनाव प्रचार में गुजरात का दौरा कर रहे हैं। इसी तरह की एक और खबर इन्दौर से भी है। देश के प्रतिष्ठित वकील और आप पार्टी के नेता प्रशांत भूषण वहां अपनी पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे।उसी बीच हिंदुत्व वादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर प्रशांत जी के साथ अभद्र व्यवहार किया। उनकी टोपी उतार ली गई।उन्हें प्रेस कांफ्रेंस छोड़ना पड़ा।
श्री तिवारी ने कहा कि वाराणसी में अरविन्द केजरीवाल के साथ रोजाना जो कुछ हो रहा है उसको भी सभी देख रहे हैं। उन्हें अपना चुनाव अभियान चलाने नहीं दिया जा रहा है। जिस स्थान पर वे अपने माता पिता के साथ ठहरे थे वहां से उन्हें हटने के लिए बाध्य होना पड़ा। यह सब भविष्य के लिए अशुभ संकेत है। आश्चर्य है कि कोई पार्टी इन घटनाओं के विरुद्ध आवाज नहीं उठा रही है। तथाकथित सेकुलर नेताओं ने इस लड़ाई में मुसलमानों को आगे कर दिया है। सब अपनी अपनी जाति का वोट बैंक दिखा कर मुसलमानों को पटाने में लगे हुए हैं। मेरा वोट बैंक सबसे बड़ा है। मेरे पीछे आओ। हम रोकेंगे मोदी को। जैसे मोदी को रोकने की जवाबदेही अकेले मुसलमानों की है।
श्री तिवारी के मुताबिक मोदी समर्थकों में एक प्रकार का उन्माद दिखाई दे रहा है। इस उन्माद के निशाने पर सिर्फ भाजपा विरोधी ही नहीं हैं। बल्कि भाजपा के भीतर भी कोई मोदी पर सवाल नहीं उठा सकता है। जोशी जी ने अभी अभी इसका स्वाद चखा है। इस लिए यह संघर्ष किसी एक समुदाय या दल का नहीं है। यह तो देश को, इसकी सभ्यता और संस्कृति को तथा लोकतंत्र को बचाने का संघर्ष है। इस लिए उन्मादी तत्वों के लोकतंत्र विरोधी आचरण का सभी पार्टियों को मजबूती के साथ विरोध करना चाहिए।


