मोहतरम केजरी साहब, आपका जन लोकपाल विधेयक का मसविदा कहां है ?
मोहतरम केजरी साहब, आपका जन लोकपाल विधेयक का मसविदा कहां है ?
जाने-माने सामाजिक व गांधीवादी कार्यकर्ता अफलातून ने स्वयंभू ईमानदार शिरोमणि आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और कांग्रेस की बैसाखियों पर 49 दिन तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल से अपनी फेसबुक वॉल पर कुछ सवाल पूछकर मिस्टर क्लीन के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। उनके सवाल पर गुजरात के वरिष्ठ पत्रकार नचिकेता देसाई ने जो कमेंट किए हैं, वे मिस्टर क्लीन की सारी कलई खोलने के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। अब देखना यह है कि नरेंद्र मोदी से 16 सवालों का उत्तर चाहने वाले केजरीवाल, अफलातून के दो सवालों के उत्तर देते हैं या हमेशा की तरह हर सवाल को हवा में उड़ा देंगे?
अफलातून द्वारा पूछे गए सवाल और कमेंट इस प्रकार हैं-
आ आ पा से कुछ सवाल
March 8, 2014 at 12:03pm
आपकी सरकार द्वारा कल्पित जन लोकपाल विधेयक का मसविदा कहां उपल्ब्ध है ? यदि नहीं तो क्यों नहीं ?
उक्त विधेयक में कॉर्पोरेट भ्रष्टाचार रोकने के क्या प्रावधान हैं ?
आआपा के कोश में केन्द्रीय स्तर पर कितना चन्दा आया और नीचे की इकाइयों से कितना? प्रतिशत बता दें तब भी चलेगा।
चुनाव में दलों द्वारा द्वारा खर्च की कोई सीमा नहीं है, आआपा ने अपने लिए प्रति उम्मीदवार पार्टी की ओर से खर्च की कोई सीमा रखी है ?
लोकसभा की कितनी सीटों पर आपके दल का उम्मीदवार बनने के लिए एक भी आवेदक नहीं है ?
सरकारी शिक्षा सुधारने की बात आपके दल द्वारा दिल्ली में कही गई थी दूसरी ओर कटक उच्च न्यायालय द्वारा रोक दी गई वेदान्त विश्वविद्यालय के हक में बोलने वाले (https://www.facebook.com/note.php?note_id=115951701803864) व्यक्ति को आपके दल ने टिकट दिया है। दल का राज्य दफ्तर उसके आवास से चलता है और उसका खुद एक कैपिटेशन फीस वाला इंजीनियरिंग कॉलेज है। दल को कोई दिक्कत नहीं हुई ?
दल का भुवनेश्वर प्रत्याशी बिस्मय महापात्र हर्षा ट्रस्ट नामक एनजीओ चलाता है। टाटा के हक में कलिंगनगर गोलीकांड की रपट देना, उसके विस्थापितों के बीच टाटा के लिए CSR निभाने वाले हैं? क्या आआपा यह जानती है?
Nachiketa Journalist आ आ पा के गुजरात संयोजक के एन जी ओ गणतर को मोदी सरकार से 15 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है. क्या इसी कारण गुजरात में मोदी के भ्रष्टाचार, कौमवाद और आतंकवाद के खिलाफ आ आ पा कोई प्रभावकारी आन्दोलन नहीं चलाया जा रहा है ?
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58 minutes ago · Like · 1
Nachiketa Journalist क्यों सन २००२ में मुसलमानो के जन संहार के खिलाफ आवाज उठाने वाली मल्लिका साराभाई को आ आ पा में शामिल हो जाने के बाद भी क्यों उपेक्षित किया जा रहा है ?
एक ओर जहां भारतीय पुलिस सेवा में रहते हुए मोदी सरकार के समर्थन से किए गए फर्जी मुठभेड़ को उजागर करनेवाले कुलदीप शर्मा को आ आ पा से दूर रखा गया, वहीँ दूसरी ओर अयोध्या में बाबरी मस्जिद को तोड़ने में सक्रीय भूमिका निभाने वाले वड़ोदरा के भूतपूर्व महापौर रतिलाल देसाई को मध्य गुजरात के आ आ पा का प्रभार क्यों दिया गया है ?
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50 minutes ago · Like
Jeevesh Prabhakar रॉबर्ट वाडेरा के केस को दबाने वाले को भी टिकट दे दिया गया है.....सारे करप्ट एनजीओ संचालक आआपा से टिकट पा रहे हैं.....बिगड़ैल और लंपट नवधनाड्यों का गैंग है आआपा


