महिला पंचायत और आइपीएफ की टीम ने किया धटनास्थल का दौरा
28 जुलाई को देंगे जीपीओ पर धरना
लखनऊ 23 जुलाई। “घटनास्थल को देखने के बाद प्रथम दृष्टया पुलिस की कहानी संहेदास्पद लगती है। इतने वीरान में जहां मकान हैं ही नहीं उस जगह महिला का मकान देखने जाना और जिस नृशंस तरीके से महिला की हत्या हुई है, उसे किसी एक व्यक्ति द्वारा करना संदेह पैदा करता है।“
यह बातें आज मोहनलालगंज बल सिंह खेड़ा गांव का दौरा करने गयी अखिल भारतीय महिला पंचायत और आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट की संयुक्त टीम ने प्रेस को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बतायी। अखिल भारतीय महिला पंचायत की संयोजिका रेनू शुक्ला, शशीकांता, आइपीएफ के संगठन प्रभारी दिनकर कपूर, अमिता त्रिपाठी, बबिता, मधु चतुर्वेदी, प्रभावती और श्यामा मिश्रा के जांच दल ने घटनास्थल का दौरा किया।
जांच दल को ग्रामीणों ने बताया कि बल सिंह खेड़ा स्कूल में घटी इस घटना की सूचना उन्हें सुबह हुई और स्कूल के मैदान में कई स्थान पर पीड़िता का खून गिरा हुआ था, जो इस बात को दिखाता है कि पीड़िता को या तो पूरे मैदान में दौड़ाकर मारा गया है या उसे घायलावस्था में वहां फेक दिया गया है जिसके बाद वह अपने प्राण रक्षा के लिए मैदान में भागी है।
जांच टीम ने पुलिसिया कहानी के कथित अभियुक्त रामसेवक की परिवारजनों से भी मुलाकात की जिस पर उसकी पत्नी और परिवारजनों ने जांच टीम को बताया कि रामसेवक समाजवादी पार्टी के नेता के यहां नौकर के बतौर काम करता था और गांव में उसकी पुत्री से छेड़खानी के बाद उसकी गांव के ही कुछ प्रभावशाली लोंगों से अदावत भी थी जिन्होंने उसे इस मामले में फंसा दिया है।
जांच दल ने सरकार से इस घटना की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। साथ ही इस तरह की महिला उत्पीड़न की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसलिए प्रदेश में तत्काल महिला फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने, महिला हिंसा की जांच के लिए पुलिस की स्पेशल महिला सेल गठित करने, माननीय उच्चतम न्यायालय के विशाखा मुकदमें में हुए आदेश के अनुरूप प्रदेश के हर विभाग में महिला रिर्डेसल सेल बनाने और न्यायमूर्ति जे0 एस0 वर्मा कमेटी की संस्तुतियों का प्रदेश में कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की है। इन्हीं सवालों पर आगामी 28 जुलाई को अखिल भारतीय महिला पंचायत की तरफ से जीपीओ पर धरना देने का फैसला लिया गया।