नई दिल्ली। यूपीए सरकार अल्‍पसंख्‍यकों के शैक्षिक विकास सम्बंधी कई योजनाएँ लेकर आने वाली है। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. एम.एम. पल्‍लम राजू ने अल्‍पसंख्‍यकों की शिक्षा से सम्‍बद्ध राष्‍ट्रीय निगरानी समिति की वार्षिक बैठक में बोलते हुये कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के लिये अल्‍पसंख्‍यकों के शैक्षिक विकास सम्बंधी कई योजनाएँ प्रस्‍तावित हैं। इन योजनाओं में कौशल विकास से जुड़ी ‘हुनर’ नामक योजना के अन्तर्गत 978 करोड़ रूपये की लागत से 9.20 लाख अल्‍पसंख्‍यक बालिकाओं को लाभांवित करने का विचार है। वयस्‍क शिक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के एक करोड़ मुस्लिम वयस्‍कों के लिए मौलाना आजाद तालीम-ए-बालिगान नामक एक नई योजना तैयार की जा रही है। इस पर 12वीं योजना में 600 करोड़ रूपये का खर्च प्रस्‍तावित है।

श्री राजू ने बताया कि शैक्षिक रूप से पिछड़े मुस्लिम बहुल कस्‍बों और जिलों में कस्‍तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, बालिका/महिला छात्रावास, ड्रिग्री कॉलेज और पॉलीटेक्निक शिक्षा संस्‍थानों को मिलाकर शैक्षिक केन्द्र स्‍थापित करने की एक अन्‍य नई योजना भी शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।

मानव संसाधन विकास मंत्री ने बताया कि पिछले सात-आठ वर्षों में अल्‍पसंख्‍यकों में शिक्षा को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों के परिणाम स्‍वरूप प्राथमिक स्‍कूलों में 2012-13 में मुस्लिम छात्रों की संख्‍या देश में मुस्लिम जनसंख्‍या के अनुपात की तुलना में अधिक हो गयी है। 12वीं पंचवर्षीय योजना में हम 378 नए जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्‍थापना करने जा रहे हैं। इनमें से 196 विद्यालय अल्‍पसंख्‍यक बहुल जिलों में स्‍थापित किये जायेंगे। उन्‍होंने कहा कि मदरसों में गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा की योजना के अन्तर्गत 2009-10 में 1979 मदरसे कवर किये गये थे जबकि 2012-13 में 9905 मदरसे कवर किये गये।